भारत का पहला लक्ष्य क्या होना चाहिए?
रॉबिन सिंह ने कहा कि भारत को सिर्फ वर्ल्ड कप में जगह बनाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि पहले एशिया की शीर्ष टीमों में अपनी जगह बनानी चाहिए। उनके मुताबिक, जापान ने दिखाया है कि बड़े देशों और एशियाई टीमों के बीच का अंतर लगातार कम हो रहा है। रॉबिन ने जापान की लंबे समय की फुटबॉल योजना को भारत के लिए आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि जापान ने 'मिशन 100 वर्ल्ड कप' जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी, जिसे बाद में प्रगति के कारण 'मिशन 50' कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जापान ने केवल वर्ल्ड कप खेलने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि युवाओं को फुटबॉल से जोड़ने के लिए एनीमे तक बनाया। किसी भी देश को इसी तरह का माहौल तैयार करना होता है।
सिर्फ क्वालिफायर की तैयारी काफी क्यों नहीं?
रॉबिन सिंह का कहना है कि विश्व स्तरीय फुटबॉलर तैयार करने के लिए केवल हर चार साल में वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन की तैयारी करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी तैयार करने और भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बनाने पर लगातार काम करना होगा। सफलता केवल मैदान की रोशनी में नहीं मिलती, बल्कि उसके पीछे होने वाली मेहनत अधिक महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में जापान सबसे बड़ा उदाहरण है। रॉबिन ने कहा कि केप वर्डे ने साबित किया है कि किसी देश का आकार मायने नहीं रखता। यदि भारत वर्ल्ड कप खेलना चाहता है तो उसके पास स्पष्ट लक्ष्य, दूरदर्शी सोच और लगातार काम करने की योजना होनी चाहिए।
मेसी को बाकी खिलाड़ियों से अलग क्यों मानते हैं रॉबिन सिंह?
दुनिया में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो को लेकर बहस कभी खत्म नहीं होती, लेकिन पूर्व भारतीय फुटबॉलर रॉबिन सिंह की नजर में मेसी की एक खासियत उन्हें सबसे अलग बनाती है। उन्होंने कहा कि मेसी की दूरदृष्टि, समझ और गेंद पर उनका जादू उन्हें अकेले दम पर मैच का रुख बदलने में सक्षम बनाता है।
रॉबिन सिंह ने मेसी और रोनाल्डो पर क्या कहा?
रॉबिन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दुनिया ने मेसी का जादू देखा है और इसके लिए सभी को खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए। हालांकि, उन्होंने मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बीच किसी एक को बेहतर मानने से इनकार किया। उनके अनुसार, दोनों अपने दौर के असाधारण खिलाड़ी हैं और वर्षों तक एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं। रॉबिन ने कहा कि मेसी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह अकेले अपने दम पर मैच बदलने की क्षमता रखते हैं। गेंद पर उनका नियंत्रण, खेल को दूसरों से दो कदम आगे समझने की सोच और निर्णय लेने की क्षमता उन्हें अलग पहचान देती है।
अर्जेंटीना को लेकर क्या कहा?
रॉबिन सिंह ने माना कि नॉकआउट चरण के पिछले कुछ मुकाबलों के बाद अर्जेंटीना को लेकर उनके मन में कुछ सवाल जरूर हैं, लेकिन जब टीम में मेसी जैसे खिलाड़ी हों तो उसे कभी भी खिताब की दौड़ से बाहर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में अपने कप्तान पर काफी भरोसा किया है और मेसी लगातार निर्णायक प्रदर्शन करते हुए टीम को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।