स्पेन के पास रोड्री और पेड्री जैसे मजबूत मिडफील्डर हैं, जबकि युवा खिलाड़ी लैमिन यामल टीम के आक्रमण को धार देते हैं। दूसरी ओर, बेल्जियम के लिए केविन डी ब्रुइन, जेरेमी डोकू और लिएंड्रो ट्रॉसार्ड जैसे खिलाड़ी किसी भी समय मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। रॉबिन सिंह के मुताबिक, यह टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक हो सकता है।
क्या स्पेन को सिर्फ गेंद अपने पास रखना ही काफी होगा?
रॉबिन सिंह का कहना है कि स्पेन को केवल गेंद पर कब्जा बनाए रखने से काम नहीं चलेगा। टीम को मिडफील्ड से तेज खेल दिखाना होगा और बेल्जियम के मजबूत डिफेंस को भेदने के रास्ते तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि पेड्री को मिडफील्ड में अधिक सक्रिय रहना होगा, जबकि लैमिन यामल को ऐसी जगह गेंद मिलनी चाहिए जहां वह एक-के-बनाम-एक की स्थिति में अपनी गति और कौशल का पूरा फायदा उठा सकें।
स्पेन के फुल-बैक बेल्जियम के लिए मौका बन सकते हैं?
रॉबिन सिंह के अनुसार, जब स्पेन के फुल-बैक आक्रमण में आगे बढ़ते हैं तो पीछे खाली जगह बन जाती है। बेल्जियम के ट्रॉसार्ड और डोकू जैसे तेज खिलाड़ी इन जगहों का फायदा उठा सकते हैं। उनका मानना है कि अगर बेल्जियम शुरुआती गोल कर देता है तो स्पेन को और अधिक आक्रामक होना पड़ेगा, जिससे उसके डिफेंस में और जगह बन सकती है।
क्या रोमेलू लुकाकू और स्पेन की रीढ़ बनेंगे निर्णायक फैक्टर?
रॉबिन सिंह ने कहा कि अगर दूसरे हाफ में रोमेलू लुकाकू मैदान पर उतरते हैं तो बेल्जियम का आक्रमण और मजबूत हो जाएगा। उनकी ताकत और अनुभव स्पेन के युवा डिफेंडरों के लिए चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े मुकाबलों में टीम की मजबूत रीढ़ सबसे ज्यादा मायने रखती है। उनके मुताबिक, स्पेन के लिए रोड्री, पेड्री और पाउ क्यूबार्सी अहम खिलाड़ी हैं। रोड्री खेल की गति नियंत्रित करते हैं, जबकि पेड्री गेंद को तेजी से आगे बढ़ाने में माहिर हैं। यदि स्पेन बेल्जियम को काउंटर-अटैक के मौके नहीं देता तो उसे बढ़त मिल सकती है।
बेल्जियम को संतुलित खेल के साथ आक्रमण भी करना होगा?
रॉबिन सिंह ने बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टीम को पहले से अधिक संतुलित बनाया है। हालांकि, उनका मानना है कि बेल्जियम पूरे मैच में सिर्फ रक्षात्मक रणनीति नहीं अपना सकता। टीम को सही समय पर आक्रमण करना होगा, विंग्स से मौके बनाने होंगे और सेट-पीस व क्रॉस का पूरा फायदा उठाना होगा। उनके अनुसार, दोनों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन अंत में वही टीम बाजी मारेगी जो मिडफील्ड पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी और अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करेगी।