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FIFA WC 2026: मिस्र के खिलाफ मैच ड्रॉ होने पर भड़के ईरान के कोच? अमेरिकी यात्रा पाबंदियों पर फिर उठाए सवाल

Sat, 27 Jun 2026 05:52 PM IST
शिवम गर्ग स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिएटल

सार

फीफा विश्व कप में मिस्र के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद ईरान के कोच आमिर घालेनोई ने अमेरिकी यात्रा पाबंदियों पर नाराजगी जताई है।
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ईरान बनाम मिस्र - फोटो : IANS
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विस्तार
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ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने सिएटल में खेले गए फीफा विश्व कप के अपने आखिरी ग्रुप-स्टेज मुकाबले में मिस्र के खिलाफ 1-1 से मैच ड्रॉ होने के बाद अमेरिका पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने अपनी टीम पर अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े यात्रा प्रतिबंधों (यात्रा पाबंदियों) की तीखे शब्दों में आलोचना की। घालेनोई ने साफ तौर पर कहा कि इन यात्रा पाबंदियों के कारण उनकी टीम और खिलाड़ियों को मैदान पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

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राजनयिक विवाद के बीच ईरान को सिएटल आने में क्यों हुई देरी?
ईरान की फुटबॉल टीम के लिए इस विश्व कप का सफर बेहद कठिनाइयों से भरा रहा है। उन्हें अपने तीनों ग्रुप स्टेज मैचों में हिस्सा लेने के लिए मेक्सिको के तिजुआना स्थित अपने बेस कैंप से लगातार लंबा सफर तय करना पड़ा। मिस्र के खिलाफ होने वाले मैच से ठीक पहले अमेरिकी अधिकारियों के रुख में कुछ नरमी जरूर आई, लेकिन इसके बावजूद ईरानी टीम को मैच की शुरुआत (किक-ऑफ) से महज दो दिन पहले ही सिएटल क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति दी गई।

अमेरिका में ईरानी टीम की मौजूदगी के हालातों को वाशिंगटन और ईरान के बीच चल रहे आपसी राजनयिक झगड़े का भी सामना करना पड़ा है। स्थिति यह थी कि अमेरिका के साथ चल रहे इस विवाद के चलते एक समय ऐसा समझा जा रहा था कि ईरान को इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से लगभग रोक ही दिया गया था।

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मेजबान देश के बर्ताव और खराब किस्मत पर कोच ने क्या कहा?
मैच की समाप्ति के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोच घालेनोई ने अपनी गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मेजबान देश ने हमारे साथ बहुत ही गलत बर्ताव किया है। यदि मेजबान देश द्वारा हमें दो सप्ताह पहले यहाँ आने की इजाजत दे दी गई होती, तो हमारे खिलाड़ी शारीरिक और मानसिक दोनों ही तौर पर कहीं बेहतर स्थिति में होते। उन्होंने हमारे साथ बिल्कुल भी इंसाफ नहीं किया है।

किस्मत और रिकवरी पर असर
मिस्र के खिलाफ मैच खत्म होने के तुरंत बाद ईरानी टीम को वापस तिजुआना लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे टीम के खिलाड़ियों की रिकवरी प्रक्रिया में और ज्यादा देरी हुई, जबकि वे नॉकआउट-स्टेज में आगे बढ़ने के लिए अपनी किस्मत के फैसले का इंतजार कर रहे थे। कोच ने आगे कहा कि मुझे पहले लगता था कि हम सच में पूरी तरह से एक दबी हुई टीम हैं, लेकिन इन तीन मैचों को देखने के बाद अब मुझे समझ आया है कि हमारी किस्मत भी खराब है।
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भविष्य के विश्व कप के लिए फीफा से क्या गुजारिश की गई?
अमेरिकी प्रशासन के इस रवैये से आहत ईरान के कोच ने फुटबॉल की वैश्विक संस्था से इस मामले में दखल देने की मांग की है। घालेनोई ने कहा कि मैं फीफा से यह विशेष गुजारिश करता हूं कि वह आगामी विश्व कप आयोजनों में किसी भी मेजबान देश को खिलाड़ियों और टीमों के साथ इस तरह का बर्ताव करने की इजाजत बिल्कुल न दे।

खिलाड़ियों की मानसिक शांति के लिए आगे का क्या है प्लान?
अपनी टीम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए मुख्य कोच ने कहा कि हमारी टीम यहां एक बेहद पवित्र मकसद के साथ आई थी, जो सिर्फ ट्रेनिंग करना और मैदान पर अच्छा खेल दिखाना था। अब अगर ऊपरवाले की मर्जी होगी, तो हम इस टूर्नामेंट में आगे की राह तय करेंगे। तनावपूर्ण माहौल से उबरने के लिए उन्होंने आगे की योजना बताते हुए कहा कि मैं अपने सभी खिलाड़ियों को आराम करने के लिए एक पूरा दिन दूंगा। मानसिक रूप से खुद को शांत और तनावमुक्त करने के लिए हम सभी समुद्र के किनारे जाएंगे।
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