क्या है '19' नंबर का खास संयोग?
यमाल के साथ 19 नंबर का रिश्ता कई मायनों में खास बन गया।
- यमाल की जर्सी का नंबर 19 है।
- विश्व कप जीतने के समय उनकी उम्र 19 साल थी।
- फाइनल 19 जुलाई को खेला गया।
- करीब 19 साल पहले मेसी ने यूनिसेफ के कार्यक्रम में पांच महीने के यमाल को नहलाया था।
- उस समय मेसी की जर्सी का नंबर भी 19 था।
स्पेन की विश्व कप जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर यह संयोग चर्चा का विषय बन गया।
फाइनल से पहले फिटनेस को लेकर था सस्पेंस
फाइनल से पहले यमाल की फिटनेस को लेकर चिंता जताई जा रही थी। न्यू जर्सी में टीम के अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें मुख्य टीम से अलग ट्रेनिंग करते देखा गया था। उनके बाएं पैर की जांघ पर पट्टी भी नजर आई थी, जिससे उनके फाइनल में खेलने पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, यमाल पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतरे और स्पेन की विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई।
पूरे टूर्नामेंट में निभाई बड़ी भूमिका
एफसी बार्सिलोना के साथ सीजन के अंतिम दौर में हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझने के कारण यमाल विश्व कप की शुरुआत में पूरी तरह फिट नहीं थे। इसी वजह से केप वर्डे के खिलाफ स्पेन के पहले ग्रुप मैच में वह शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं बने।
इसके बाद उन्होंने लगातार लय हासिल की और नॉकआउट चरण में स्पेन के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने टूर्नामेंट में एक गोल किया, लेकिन उनकी ड्रिब्लिंग, रचनात्मक खेल और आक्रमण में योगदान ने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेसी के साथ तस्वीर से लेकर विश्व कप जीत तक का सफर
2007 में यूनिसेफ के एक कैलेंडर फोटोशूट के दौरान ली गई वह तस्वीर, जिसमें युवा लियोनल मेसी पांच महीने के लामिन यमाल को नहला रहे थे, दुनिया भर में वायरल हुई थी। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वही बच्चा एक दिन विश्व कप फाइनल में मेसी की अर्जेंटीना के खिलाफ खेलेगा और अपनी टीम को विश्व चैंपियन बनाने वाली पीढ़ी का हिस्सा बनेगा। स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत के बाद '19' नंबर का यह संयोग फुटबॉल इतिहास की सबसे दिलचस्प कहानियों में शामिल हो गया।