मेसी आज फाइनल के रूप में अपना आखिरी विश्व कप मैच खेलने जा रहे हैं। क्रोएशिया के खिलाफ सेमीफाइनल जीतने के बाद मेसी ने कहा कि यह फाइनल उनका अंतिम विश्व कप मैच होगा। विश्व कप की ट्रॉफी को पाने के लिए मेसी ने कई वर्षों से सपना देखा था और अब उनके पास अपने सपने को पूरा करने के लिए यह आखिरी मौका होगा। इसके साथ ही वह हमवतन दिवंगत डिएगो माराडोना और ब्राजील के पेले जैसे महान खिलाड़ी बनने से भी एक कदम दूर खड़े हैं।
अर्जेंटीना के कप्तान मेसी के पास फुटबाल की लगभग सभी बड़ी ट्रॉफियां हैं, लेकिन वह विश्व कप का खिताब नहीं जीत सके हैं। इसको लेकर कई बार उनकी आलोचना भी हुई। जब 2014 में उनके पास विश्व कप की ट्रॉफी हासिल करने का मौका आया तो उनकी टीम फाइनल में जर्मनी से हार गई और उस समय भी मेसी की आलोचना हुई कि वह यह ट्रॉफी नहीं जीत सकते। इसके बाद मेसी ने एक वक्त संन्यास का भी एलान किया था। हालांकि, मेसी ने अपने सपने को जिंदा रखा। उन्होंने संन्यास को वापस लेकर मैदान में वापसी की और अपने करियर का पहला कोपा अमेरिका खिताब जीता। अब 2022 में अपने आखिरी विश्व कप में फाइनल तक की राह बना ली है।
माराडोना ने भी किया था कमाल
अर्जेंटीना 36 साल से विश्व कप की ट्रॉफी का इंतजार कर रहा है। अर्जेंटीना ने पिछली बार 1986 में विश्व कप जीता था। तब माराडोना देश के लिए हीरो बने थे। उनके आसपास पहुंचने वाले सिर्फ मेसी ही थे, लेकिन विश्व कप नहीं जीत पाने से उनकी महानता पर हर कोई अंगुली उठा रहा था। अगर मेसी अर्जेंटीना को विश्व कप जिताते हैं तो वह भी माराडोना और पेले के क्लब में शामिल हो जाएंगे और उनकी महानता पर कोई अंगुली नहीं उठा पाएगा।