फीफा वर्ल्ड कप 2018 में बेल्जियम के हाथों 5-2 से बुरी तरह हारने वाली ट्यूनीशिया ने अपने अंतिम ग्रुप मैच में जबरदस्त वापसी करते हुए पनामा को 2-1 से पराजित कर दिया। इस अफ्रीकी टीम ने विश्व कप के इतिहास में 40 साल बाद जीत दर्ज की है। हालांकि, आत्मघाती गोल के चलते ट्यूनीशिया पहले हाफ में पिछड़ गया था, लेकिन मैन ऑफ द मैच फखरुद्दीन बेन युसुफ और खाजरी के गोलों की बदौलत जीत हासिल कर ली। पनामा को अपने पहले विश्व कप में निराश होकर खाली हाथ लौटना होगा।
पनामा के लिए विश्व कप में यह पहला मौका था जब उसने शुरुआती बढ़त बनाई। 33वें मिनट में मेरिआह के आत्मघाती गोल ने पनामा को यह मौका दिया। पहले हॉफ में पनामा के पक्ष में यही बढ़त थी, लेकिन दूसरे हॉफ में मामला पलट गया। ट्यूनीशियाई टीम ने शुरू से मैच पर काबू करके रखा। उनका 64 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रहा। 51वें मिनट में बेन युसुफ और 66वें मिनट खाजिरी ने गोल किया।
बता दें कि पहली बार विश्व कप में क्वालीफाई करने वाली पनामा इस बड़े टूर्नामेंट में एक भी जीत हासिल किए बिना विश्वकप को अलविदा कहा। वह इस विश्वकप में सिर्फ दो गोल कर पाई। वहीं, ट्यूनीशिया की भी इस विश्व कप में यह पहली जीत है। उसने ग्रुप दौर का अंत तीन मैचों में दो हार और एक जीत के साथ तीन अंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रही, जबकि पनामा अपना तीनों मैच हारते हुए अंक तालिका में चौथे पायदान पर रही। मालूम हो कि दोनों टीमें पहले ही अंतिम-16 की दौड़ से बाहर हो चुकी थीं।