टीम के पास 1998 के कुछ शानदार यादें है जब पिछली बार वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे तो जर्मनी को 3-0 से हराया था। तब टीम सेमीफाइनल में मेजबान फ्रांस से हार गई थी। चार साल पहले अन्य मेजबान ब्राजील के खिलाफ भी क्रोएशिया को हार का सामना करना पड़ा था। एक बार फिर उसके सामने मेजबान टीम की चुनौती है। क्रोएशिया की आबादी महज 43 लाख है और उसके सामने 14 करोड़ की आबादी का वो रूस है जो क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा देश है। छोटा देश होने के बावजूद क्रोएशिया का खुद पर भरोसा कम नहीं है।
हमने इस विश्व कप में दिखाया है कि हमें बड़ी उम्मीदें पालने का हक है। हम वाकई अच्छा खेल रहे हैं। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो टीम को फाइनल तक ले जाने की कूवत रखते हैं।- डोमागोई विडा, डिफेंडर क्रोएशिया
छुपारुस्तम साबित हुआ है रूस
अपनी ही धरती पर हो रहे विश्व कप में मेजबान रूस सबसे कम रैंकिंग की टीम है। न तो घर में और न बाहर ही फुटबॉल प्रेमियों को रूस से बड़ी उम्मीदें थी लेकिन ग्रुप दौर क्लियर किया और फिर 2010 के चैंपियन स्पेन को शूटआउट में अपना शिकार बना लिया। अब फाइनल में प्रवेश से केवल दो जीत दूर है। सोवियत संघ के विघटन के बाद यह रूस का श्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले रूस कभी ग्रुप दौर से आगे नहीं बढ़ा। 1966 में पिछली बार जब सेमीफाइनल में पहुंचा था तब सोवियत संघ की टीम थी।