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REPORT: नीदरलैंड के खिलाफ मैच में मेसी ने जिस रेफरी का किया था विरोध, फीफा ने उसे वर्ल्ड कप से किया बाहर

Mon, 12 Dec 2022 10:30 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दोहा

सार

अर्जेंटीना बनाम नीदरलैंड मैच में रेफरी ने कुल 17 कार्ड दिखाए थे। रेफरी ने मेसी तक को यलो कार्ड दिखाया था। वहीं, नीदरलैंड के डेंजेल डमफ्रीज को मैच के बाद रेड कार्ड भी दिखाया गया था। मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मेसी ने रेफरी एंटोनियो मातेयू लेहोज की योग्यता पर सवाल खड़े किए थे
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मेसी रेफरी से भिड़ गए थे, उन्हें यलो कार्ड भी दिखाया गया था - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फीफा वर्ल्ड कप 2022 अपने अंजाम तक पहुंचने जा रहा है। मंगलवार से सेमीफाइनल राउंड की शुरुआत हो जाएगी। वहीं, 18 दिसंबर को फाइनल खेला जाएगा। इस बार वर्ल्ड कप में कई बेहद रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। कुछ बड़ी टीमों को उलटफेर का सामना करना पड़ा। नीदरलैंड, ब्राजील और पुर्तगाल जैसी टीमें क्वार्टर-फाइनल राउंड में हारकर विश्व कप से बाहर हो चुकी है। स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी की अर्जेंटीना टीम सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही, जहां उनका सामना क्रोएशिया से होगा।
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Not up to the task' - Messi slams referee Lahoz following card-happy  display in Netherlands-Argentina World Cup quarter-final | Goal.com
नीदरलैंड के खिलाफ मैच में मेसी को यलो कार्ड दिखाते रेफरी लेहोज

अर्जेंटीना ने क्वार्टर-फाइनल में एक बेहद रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। इस मैच में कई विवाद देखने को मिले थे। कुछ मौकों पर तो दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए थे। वहीं, इस मैच में रेफरी ने कुल 17 कार्ड दिखाए थे। रेफरी ने मेसी तक को यलो कार्ड दिखाया था। वहीं, नीदरलैंड के डेंजेल डमफ्रीज को मैच के बाद रेड कार्ड भी दिखाया गया था। मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मेसी ने रेफरी एंटोनियो मातेयू लेहोज की योग्यता पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि महत्वपूर्ण मैचों में लेहोज जैसा रेफरी नहीं होना चाहिए।

Can't Give A Referee Like That A Match Of This Importance": Messi Fumes  After Quarter-Final Win Over Netherlands | Football News

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेहोज को अब कतर से उनके घर भेज दिया गया है। वह अब आगे बचे चार मैचों में से किसी में नहीं दिखेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेसी के अलावा भी लेहोज के लिए कई शिकायतें आई थीं। ऐसे में फीफा ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और घर भेज दिया। मेसी ने नीदरलैंड के खिलाफ मैच के बाद शिकायत करते हुए कहा था- नीदरलैंड ने जब ड्रॉ किया तो मैं बहुत गुस्से में था। मैं रेफरी के बारे में बात नहीं करना चाहता क्योंकि इसके बाद वह तुरंत आपको निलंबित कर देते हैं, लेकिन मुझे लगता है लोगों ने देखा मैदान पर क्या हुआ।

मेसी ने कहा-  फीफा को इसके बारे में सोचना चाहिए। वे ऐसे महत्वपूर्ण मैच में इस तरह का रेफरी नहीं रख सकते। जब ऐसे रेफरी पूरी ईमानदारी के साथ काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा- हमारे लिए वह अच्छा मैच नहीं रहा था और फिर रेफरी ने इसे एक्स्ट्रा टाइम में भेज दिया। लेहोज हमेशा हमारे खिलाफ थे। मैच के आखिरी समय में वह फाउल नहीं था, जिस पर नीदरलैंड ने गोल किया। हम एक्स्ट्रा टाइम या पेनल्टी नहीं चाहते थे। जो कुछ भी हुआ, उसकी वजह से हमें काफी कुछ सहना पड़ा। हालांकि, हम सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे।


अर्जेंटीना के कोच की भी रेफरी से बहस हो गई थी
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मैच की बात करें तो अर्जेंटीना के मोलिना ने 42वें मिनट में गोल दाग अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। इसके बाद मेसी ने 73वें मिनट में पेनल्टी पर गोल दाग टीम को 2-0 से आगे कर दिया था। 83वें मिनट में नीदरलैंड के वाउट वेगहोर्स्ट ने गोल कर टीम की वापसी कराई। फुल टाइम होने के बाद रेफरी ने 11 मिनट का इंजरी टाइम जोड़ा। इंजरी टाइम के 11वें मिनट पर फ्री किक पर नीदरलैंड ने गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया और फिर मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया। एक्स्ट्रा टाइम यानी अगले 30 मिनट में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। मैच पेनल्टी शूटआउट में गया और अर्जेंटीना ने 4-3 से जीत हासिल की।
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