पहले मैच में चार बार की चैंपियन जर्मनी को हराकर बड़ा उलटफेर करने वाली जापान को कोस्टारिका ने 1-0 से पराजित कर दिया। यह पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला है, जिसमें जापान को कोस्टारिका के हाथों हार मिली है। इससे पहले जापान ने इस देश के खिलाफ तीन मैच जीते हैं, लेकिन जब उसे जीत की सबसे ज्यादा जरूरत थी तब उसने मैच गंवा दिया। पूरे मैच में कोस्टारिका ने गोल पर सिर्फ एक निशाना साधा जिस पर खेल के 81वें मिनट में केयशर फुलर ने गोल किया। इस जीत के साथ कोस्टारिका भी अंतिम 16 में पहुंचने की रेस में शामिल हो गया है।
2014 में क्वार्टर फाइनल में पहुंचा था कोस्टारिका
2014 के विश्वकप में उरुग्वे, इटली जैसी टीमों को हराने के बाद इंग्लैंड से ड्रॉ खेलकर क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाले कोस्टारिका की इस विश्वकप में बेहद खराब शुरुआत रही, जब उसे 2010 के विजेता स्पेन ने 7-0 के भारी अंतर से परास्त कर दिया। बावजूद इसके इस बड़ी हार से उबरते हुए उसने जापान पर जीत हासिल कर ली। यह आठ साल बाद विश्वकप में कोस्टारिका की जीत है। कोस्टारिका ने विश्वकप में एशियाई टीमों पर अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखी है। इससे पहले 2002 के विश्वकप में उसने चीन को 2-0 से परास्त किया था। अब कोस्टारिका को अपना अगला और अंतिम ग्रुप मैच जर्मनी के खिलाफ खेलना है।
जापान ने गंवाया बराबरी का मौका
पहला हॉफ स्तरहीन रहा, लेकिन दूसरे हॉफ में जापान ने हमले बोलना शुरू किए। इस बीच जापान ने अपने हॉफ में बॉक्स के बाहर गेंद पर नियंत्रण खो दिया, जिस पर ताजेदा ने कब्जा जमाया और फुलर को खूबसूरत पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के टॉप से कोणीय राइट फुटर लगाया तो गोलकीपर गोंडा के हाथ से छूटा हुआ गोल में चला गया। हालांकि मैच के अंतिम क्षणों में जापान को बराबरी का खूबसूरत मौका मिला। गोल के ठीक सामने मितोमा ने कमादा को गेंद दी, लेकिन उनकी जमीनी किक को गोलकीपर नवास ने पकड़ लिया।