इसके अलावा ब्राजील के पास नेमार जैसा स्टार खिलाड़ी और अडेनोर बाकची जैसा शानदार कोच भी है। अडेनोर को दुनियाभर में टिटे के नाम से जाना जाता है। यह कोच की मेहनत का ही परिणाम है कि आज जर्मनी फर्श से अर्श पर पहुंच गई है। 2014 की तरह ब्राजील इस बार केवल नेमार पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसके पास और भी स्टार खिलाड़ी हैं।
ब्राजील को इस बार कोस्टारिका, सर्बिया और स्विट्जरलैंड के साथ अपेक्षाकृत आसान ग्रुप ई में रखा गया है। जबकि जर्मनी को ग्रुप एफ में दक्षिण कोरिया, मैक्सिको और स्वीडन के साथ रखा गया है। ब्राजील ने स्वीडन में 1958 का, चिली में 1962 का, मैक्सिको में 1970 का, अमेरिका में 1994 का और दक्षिण कोरिया एवं जापान में 2002 का खिताब हासिल किया था। ब्राजील की मेजबानी में दो बार 1950 और 2014 में विश्व कप का आयोजन हो चुका है, लेकिन तब दोनों ही बार उसे निराशा मिली।
यदि ब्राजील छठवीं बार खिताब जीतती है तो इस बात की पूरी संभावना है कि नेमार अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पछाड़ देंगे। वहीं, यदि जर्मनी विश्व कप जीतती है तो उसके कोच जोकिम इटली के विट्टारियो पोजो की बराबरी कर लेंगे। विट्टारियो ने 1934 और 1938 में लगातार दो बार अपने टीम को जीत दिलाई थी। विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल दागने का रिकॉर्ड जर्मनी के स्ट्राइकर मीरोस्लाव क्लोसे के नाम है जिन्होंने अब तक 16 गोल किए हैं।