फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

FIFA U17 World Cup 2017: प्रतियोगिता में बने रहने के लिए टीम इंडिया को देनी होगी घाना को मात

Thu, 12 Oct 2017 02:54 AM IST
हेमंत रस्तोगी/नई दिल्ली
विज्ञापन
भारतीय अंडर 17 फुटबॉल टीम - फोटो : FIFA
विज्ञापन
ग्रुप स्टेज के पहले दो मुकाबलों में हारने वाली टीम को न तो उसका प्रतिद्वंद्वी उतनी गंभीरता से लेता है और न ही दर्शकों की उसमें रुचि रह जाती है। इसके ठीक विपरीत फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में मेजबान भारत बृहस्पतिवार को अपने अंतिम ग्रुप मैच में जब घाना के सामने होगा तो यह सारी बातें झुठलाती नजर आएंगी।
विज्ञापन


अमेरिका और कोलंबिया के खिलाफ कोच लुई नार्टन डि माटोस की टीम ने हार के बावजूद जिस तरह का प्रदर्शन किया  उसके बाद घाना मेजबानों को उतनी ही गंभीरता से लेने जा रहा है जिस तरह उसने अपने पहले दो मैचों को लिया। वहीं भारतीय टीम के खेल को मिली वाह-वाही के बाद जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में उसे पहले की अपेक्षा और अधिक समर्थन मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसका कारण खेल मंत्रालय, ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन और लोकल आर्गेनाइजिंग कमेटी पर अचानक इस मैच के मुफ्त पास उपलब्ध कराने का दबाव बनना है।

समीकरणों को देखें तो दो हार के बावजूद भारत अब तक इस टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुआ है। घाना के खिलाफ अमरजीत एंड कंपनी अगर जीत हासिल कर लेती है और दूसरे ग्रुपों पर तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों का प्रदर्शन भारत से लचर रहता है तो उसके अभी भी अंतिम 16 में पहुंचने की उम्मीदें हैं। हां, इसके लिए उसे हर हाल में घाना पर जीत हासिल करनी होगी। दो बार इस वर्ल्ड कप को जीतने वाली घाना की भी इज्जत दांव पर है। उसे भी प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए भारत पर जीत या फिर ड्रा खेलने की जरूरत है। 
विज्ञापन


सजग हैं घाना के कोच 
कोलंबिया के खिलाफ खेल देखने के बाद घाना के कोच पा क्वेसी फाबिन साफ कहते हैं कि भारत को यह मैच जीतना चाहिए था। शायद अनुभव की कमी के चलते उनके हाथ से यह मैच निकला। कोई और टीम होती तो जीत सकती थी। फाबिन सेंट्रल डिफेंडर अनवर अली और स्ट्राइकर अनिकेत जाधव से खासे प्रभावित हैं। फाबिन का कहना है कि यही कारण है कि वह भारत को हल्के में नहीं ले रहे हैं। यह टीम काफी अच्छी है।

कोलंबिया की तरह शारीरिक खेल खेलते हैं घाना
कोच माटोस हों या फिर कोलंबिया के खिलाफ गोल करने वाले जिक्सन सिंह दोनों का ही कहना है कि घाना और कोलंबिया का खेलने का अंदाज लगभग एक जैसा है। दोनों ही टीमों के फुटबालर लंबे और तगड़े हैं। दोनों ही टीमें शारीरिक खेल खेलती हैं। माटोस का कहना है कि घाना बेहद तेजी से खेलती है। यह उनके लिए बड़ी मानसिक चुनौती है, पर उन्हें यह मैच हर हाल में जीतना है।

उत्साह से लबरेज है टीम
कोलंबिया के खिलाफ नेहरू स्टेडियम में मिले अपार समर्थन और अच्छे प्रदर्शन के बाद पूरी टीम उत्साह से लबरेज है। गोली धीरत तभी कहते हैं कि उन्हें घाना के खिलाफ और अधिक समर्थन चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि कल सबसे अधिक दर्शक स्टेडियम में पहुंचेंगे। कप्तान अमरजीत तो यहां तक कहते हैं कि टीम कोलंबिया से भी अच्छे तरह से घाना को चुनौती देने जा रही है। आखिर यह अस्तित्व का सवाल है। रहीम तो यहां तक कहते हैं कि दो हाथ और पैर उनके भी हैं और हमारे भी। उनके देख लिया जाएगा।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें