फीफा अंडर अंडर-17 वर्ल्ड कप का समापन वैसे तो 28 अक्तूबर को होना है, लेकिन मेजबान भारत के लिए इस टूर्नामेंट के दरवाजे 16 दिन पहले ही बंद हो गए। इसके साथ ही शुरू हो गया भविष्य की योजनाओं के मंथन का दौर। ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने टीम के पुर्तगाली कोच लुई नार्टन डि माटोस को बुलाया है। जहां वह उनसे टीम के प्रदर्शन की रिपोर्ट लेंगे और इस टीम के भविष्य पर बात करेंगे।
माटोस को मालूम है कि घाना के खिलाफ 0-4 से मिली करारी हार के बावजूद उनकी छुट्टी नहीं होने जा रही है। फेडरेशन पहले ही उनका एक माह का कार्यकाल बढ़ा चुकी है। अगले माह उन्हीं के संरक्षण में यही टीम अंडर-19 एशियाई चैंपियनशिप खेलने जा रही है। यह भी फैसला पहले ही हो चुका है कि वर्ल्ड कप में खेलने वाली टीम को ही एशियाई चैंपियनशिप में मामूली फेरबदल के साथ मौका दिया जाएगा।
हालांकि प्रफुल्ल पटेल पहले कह चुके हैं कि जिस तरह तीन साल पहले अंडर-17 टीम को तैयार किया गया है। उसी तरह के कार्यक्रम को आगे भी जारी रखा जाएगा, लेकिन सच्चाई यह है कि अब तक इसकी कोई रूपरेखा तैयार नहीं की गई है। माटोस को बुलाया जरूर गया है लेकिन उन्होंने पहले ही साफ कर दिया गया कि जब इस देश में फुटबाल के सिस्टम में सुधार नहीं आएगा तब तक किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
फीफा ने दी फुटबाल धीरज रोए
घाना से मिली हार के बाद बाद गोलकीपर धीरज अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। वह फूट-फूटकर रोए उन्हें टीम के साथियों ने चुपाया। धीरज ने कहा भी कि डिफेंस ने दूसरे हॉफ में भारी गलतियां की जिसका खामियाजा गोल केरूप में भुगतना पड़ा। वहीं टीम होटल में शुक्रवार को फीफा की ओर से वर्ल्ड कप में खेलने वाली भारतीय टीम के सभी सदस्यों को फुटबाल भेंट की गई। शनिवार की सुबह टीम के सदस्य अपने घरों को रवाना होंगे। चार से पांच दिन बाद उन्हें फिर वापस बुलाया जाएगा जहां वे एशियाई चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट जाएंगे।