मंगलवार को विश्व कप फ़ुटबॉल में मेज़बान ब्राज़ील को तगड़ा झटका लगा और अपेक्षाकृत कमज़ोर मानी जा रही मैक्सिको ने ब्राज़ील को ड्रॉ पर रोक दिया। अब टूर्नामेंट में बने रहने के लिए ग्रुप ए में ब्राज़ील को अपने आख़िरी मैच में कैमरून को हराना ही होगा।
ब्राज़ील-मैक्सिको मैच में निर्धारित समय तक दोनों ही टीमें कोई भी गोल नहीं कर पाईं। मैक्सिको की मज़बूत रक्षा पंक्ति ने ब्राज़ील के कई ताबड़तोड़ हमलों को नाकाम कर दिया।
मैक्सिको के गोलकीपर रहे हीरो
फोर्टालेज़ा में खेले गए इस मैच में पूरा स्टेडियम ब्राज़ीली प्रशंसकों से खचाखच भरा था लेकिन अपनी टीम के प्रदर्शन ने उन्हें मायूस कर दिया। मैच के बाद ब्राज़ील के कोच स्कोलारी के चेहरे पर भी निराशा साफ देखी जा सकती थी।
सच्चे मायनों में मैच के हीरो रहे मैक्सिको के गोलकीपर गिलेर्मो ओचा जिन्होंने ब्राज़ीली टीम के कई ऐसे हमलों को नाकाम किया जो गोल हो सकते थे। पहले हाफ़ में गिलेर्मो ने ब्राज़ील के नेमार के जिस हेडर का बचाव किया वो तो एक विश्व स्तरीय बचाव था।
'ब्राज़ील को स्तर उठाना होगा'
इसके अलावा मैक्सिको की रक्षा पंक्ति ने भी ब्राज़ील के आक्रमण को हर बार विफल किया। फ़ुटबॉल विशेषज्ञ नोवी कपाड़िया के मुताबिक़ ब्राज़ील की टीम ने मूव तो कई बनाए लेकिन ऐन मौक़ों पर तालमेल की कमी और नर्वस होने की वजह से वो उन्हें गोल में तब्दील ना कर पाए।
नोवी के मुताबिक़ टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ब्राज़ील ख़िताब की प्रबल दावेदार थी लेकिन पहले क्रोएशिया और अब मैक्सिको के ख़िलाफ़ उन्होंने जिस तरह का खेल दिखाया उसके बाद उन्हें अपने स्तर को ख़ासा उठाना पड़ेगा। वर्ना उनके लिए बुरी ख़बर इंतज़ार कर रही है।