ब्रासिलिया में खेले गए एक मैच में हैरिस सेफेरोविच के अंतिम समय में किए गए करामाती गोल से स्विट्जरलैंड ने वर्ल्ड कप में इक्वाडोर को 2-1 से हराकर शानदार आगाज किया।
ग्रुप-ई के इस मुकाबले में दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर थी और मैच खत्म होने में सिर्फ 30 सेकंड का समय रह गया था।
मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था लेकिन तभी हैरिस ने इक्वाडोर के डिफेंडरों को छकाते हुए शानदार गोल कर जीत स्विट्जरलैंड की झोली में डाल दी। हैरिस के इस करामाती गोल से इक्वाडोर की टीम सकते में आ गई और अंक बांटने की उसकी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं।
हालांकि मैच की शुरुआत में इक्वाडोर ने गोल करके खाता खोला। इनेर वेलेनसिया ने 22वें मिनट में गोल करके इक्वाडोर को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में पलड़ा स्विट्जरलैंड का भारी रहा और 48वें मिनट में एडमीर मेहमेदी ने गोल दागकर टीम को बराबरी पर ला खड़ा किया।
'सबसे बेहतरीन मैच'
इस मैच की समीक्षा करते हुए जाने-माने फुटबॉल समीक्षक नोवी कपाड़िया कहते हैं, "यह इस वर्ल्ड कप का सबसे बेहतरीन मैच था। मैच बहुत तेज गति से खेला गया। दोनो टीमों ने गोल करने के लिए 30 बार कोशिश की। खुद स्विट्जरलैंड ने 18 ट्राई की। लेकिन इसके लिए स्विट्जरलैंड को रैफरी रवशान इरमातोव का घन्यवाद भी करना पड़ेगा क्योंकि उन्होने एडवांस तकनीक का इस वर्ल्ड कप में पहली बार इस्तेमाल किया, जब स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी को बीच मैदान में गिराया गया।
नोवी कपाडिया ने आगे कहा, "उसके बाद आक्रमण पर सेफेरोविच ने गोल किया। गर्मी के बावजूद स्विट्जरलैंड ने जैसा खेल दिखाया उसके बाद कहा जा सकता है कि इस टीम में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का दमखम है।"