फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहली बार होगा जब गत फीफा टूर्नामेंट की दो फाइनलिस्ट टीमें ग्रुप चरण के पहले ही मुकाबले में आमने-सामने खेल रही हैं।
सल्वाडोर में गत चैंपियन स्पेन और फाइनलिस्ट नीदरलैंड के बीच शुक्रवार को फोंटे नोवा एरीना में होने वाला यह मुकाबला वर्ष 2010 की यादें जरूर ताजा कर देगा।
ये दिलचस्प है कि स्पेन और नीदरलैंड एक-दूसरे के खिलाफ 10 बार मैच खेल चुके हैं जिसमें स्पेन ने पांच बार जबकि नीदरलैंड ने चार बार जीत दर्ज की है।
दोनों टीमों ने बार्सिलोना में वर्ष 1987 में मात्र एक बार 1-1 से ड्रॉ मुकाबला खेला था।
हालांकि नीदरलैंड के लिए इस बार थोड़ी मुश्किलें इस बात से हो सकती हैं कि स्पेन ने दक्षिण अफ्रीका में मिली वर्ल्ड कप विजेता टीम के 16 खिलाड़ियों को 20वें फीफा वर्ल्ड कप में भी बरकरार रखा है।
यह पहली बार है जब किसी वर्ल्ड चैंपियन टीम ने पिछली विश्व विजेता टीम के इतने अधिक खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। वर्ष 2008 और 2012 की यूरोपीय चैंपियन स्पेन से उसके समर्थकों को नीदरलैंड की तुलना में इस बार ज्यादा बेहतर डिफेंस की उम्मीद है।
टीम में शामिल जावी, आंद्रियस इनिएस्ता और डेविड सिल्वा का सीधा मुकाबला इस बार नीदरलैंड के अर्जेन रोबेन और रॉबिन वेन पेर्सी के साथ माना जा रहा है।
इसके अलावा ब्राजीलियाई मूल के स्पेनिश खिलाड़ी डिएगो कोस्टा पर भी निगाहें होंगी। कोस्टा को स्पेनिश टीम के लिए इस लिहाज से भी अहम माना जा रहा है कि टीम ने इससे पहले अंतिम एकादश में कभी भी विशेषज्ञ सेंटर फॉरवर्ड को नहीं उतारा है।
पिछले ला लीगा सत्र में 36 गोल की मदद से एटलेटिको की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कोस्टा के अलावा डिफेंडरों में सेजार एजपिलिक्यूटा, सर्जियो रामोस, गेरार्ड पिक, जार्डी एल्बा के अलावा अनुभवी गोलकीपर इकेर कैसिलास भी टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं।