मानोस में वर्ष 2006 की वर्ल्ड कप विजेता टीम के कई अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी में इटली की टीम शनिवार को नई और युवा इंग्लैंड के सामने फीफा वर्ल्ड कप में एमेजन के जंगलों से घिरे मानोस में ग्रुप डी का अपना पहला मुकाबला खेलने उतरेगी।
इटली की टीम पिछले चार बड़े फुटबॉल टूर्नामेंटों में दो बार फाइनल तक पहुंची है, जबकि वह गत वर्ष कंफेडरेशन कप के सेमीफाइनल में भी जगह बनाने में कामयाब रही थी। इसके अलावा वह वर्ल्ड कप में 1970 और 1994 में उपविजेता रही थी।
दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम नए और युवा खिलाड़ियों के साथ इस बार करिश्मे की उम्मीद कर रही है। इटली को मिडफील्ड में आंद्रिया पिरलो पर काफी भरोसा है जो आठ वर्ष पहले टीम की खिताबी जीत में मुख्य खिलाड़ी थे। हालांकि इंग्लैंड के नई ऊर्जा वाले खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
इंग्लैंड और इटली के बीच अब तक 24 मुकाबले हो चुके हैं, जिसमें इटली ने 9 बार जबकि इंग्लैंड ने 8 बार जीत दर्ज की है। दोनों टीमों ने 7 बार ड्रॉ खेला है। आखिरी बार उन्होंने अगस्त 2012 को स्विट्जरलैंड में एक दोस्ताना मैच खेला था जिसमें इंग्लैंड ने 2-1 से जीत दर्ज की थी।
इंग्लैंड को अपने कप्तान स्टीवन गेरार्ड, राइट बैक ग्लेन जॉनसन और स्टार फुटबालर स्ट्राइकर वाएने रूनी पर खासा भरोसा होगा ही साथ में टीम के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी की जानी चाहिए।