कोरोना वायरस महामारी के कारण यूरो कप 2020 को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था। वहीं अब यूरो के लिए टीमें तैयार हैं। लेकिन कोरोना वायरस के कारण दर्शकों को लेकर असमंजस खत्म हो गया है। प्रबंधन के मुताबिक मैचों के दौरान करीब स्टेडियमों में 20 प्रतिशत दर्शकों को प्रवेश की अनुमति रहेगी।
ग्लासगो से सेंट पीटर्सबर्ग और सेविला से बुखारेस्ट तक सभी 11 मेजबान शहरों ने यूरो 2020 मैचों के लिए कम से कम प्रशंसकों को अपने स्टेडियम में अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि महामारी से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर रोम में शुक्रवार को होने वाले टूर्नामेंट में अंतिम संख्या को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता।
बुडापेस्ट, बाकू और सेंट पीटर्सबर्ग को 50 फीसदी और 100 फीसदी क्षमता के बीच भरने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि हंगरी के पुस्कस एरिना स्टेडियम में पूरी क्षमता के साथ 68,000 दर्शक क्रिस्टियानो रोनाल्डो और यूरोपीय चैंपियन पुर्तगाल और कियान म्बाप्पे और विश्व कप चैंपियन फ्रांस जैसे दिग्गज खिलाड़ी टीमों से जुड़े मैच देखने के लिए आ सकते हैं।
बाकू और सेंट पीटर्सबर्ग चाहते हैं कि उनके स्टेडियम आधे भरे हों। अजरबैजान में, इसका मतलब तीन ग्रुप मैचों और एक क्वार्टर फाइनल मैच के लिए 35,000 दर्शक हो सकते हैं, जबकि रूस में छह ग्रुप मैचों और क्वार्टर फाइनल के लिए यह लगभग 30,000 दर्शक हो सकते है। पुर्तगाल और फ्रांस भी 23 जून को एक-दूसरे से खेलेंगे।
यूईएफए इवेंट्स के सीईओ का कहन है कि टूर्नामेंट में उनकी पहली प्राथमिकता, दूसरी प्राथमिकता और तीसरी प्राथमिकता हमेशा प्रशंसक सुरक्षा होती है। यह हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है कि हमारे पास दर्शक हों, यह समाज में हम सभी के लिए सामान्य होने की दिशा में एक कदम का प्रतिनिधित्व करता है।
आगे उन्होंने कहा कि दर्शक समझदार हैं और आगे की योजना बनाते हैं। आने के समय स्टेडियम में भीड़ न लगाएं और मास्क पहनें। जब भी संभव हो दूसरों से दूरी बनाए रखें और जो कुछ भी आप करते हैं उसमें सुरक्षा को प्राथमिकता दें। अधिकांश अन्य स्टेडियमों में लगभग 25% क्षमता भरने की उम्मीद है, म्यूनिख में सबसे कम 22% और कुछ अन्य संभवतः 45% तक जा सकते हैं।