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फीफा विश्व कप 2018: इंग्लैंड की निगाह दूसरी जीत पर, सामने पनामा की चुनौती

Sun, 24 Jun 2018 06:17 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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इंग्लैंड बनाम पनामा
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साल 2006 विश्व कप के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने किसी बड़े टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में जीत हासिल की है। वह भी कप्तान हैरी केन के दो गोलों की बदैलत। ट्यूनीशिया पर मिली जीत 2-1 की जीत से उत्साहित थ्री लायंस के सामने रविवार को प्रथम प्रवेशी पनामा होगी, जिसकी विश्व कप में बेल्जियम के हाथों 0-3 की हार के बाद निराशाजनक शुरुआत हुई।

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इंग्लैंड के खिलाफ पनामा को हल्का नहीं आंका जा रहा है, लेकिन यूरोपिय टीमों के खिलाफ पनामा ने 10 मुकाबले खेले हैं, लेकिन आज तक जीत हासिल नहीं की है। पनामा इस विश्व कप में 29 वर्ष के साथ सबसे ज्यादा औसत आयु की टीम है। उसके सात खिलाड़ी  ग्रैब्रिएल गोमेज (147), जेमी पेनेडो (135), ब्लास गोमेज (121), रुमेन टोरेस (111), लुइस तेजादा (100), अरमांडो कूपर (101), फेलिपो व्लोए (100) सौ से ज्यादा मैच खएल चुके हैं।

गौरतलब है कि पिछले 11 मुकाबलों में इंग्लैंड टीम को हार नहीं मिली है। वहीं, इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी यदि पनामा के खिलाफ गोल करते हैं तो 1962 में रेन प्लावर्स के बाद पहले इंग्लिश फुटबॉलर होंगे, जिसने विश्व कप के पहले दो मैच में गोल किए हों। तीसरा गोल करते ही केन गैरी लिनेकर और डेविड प्लेट की श्रेणी में खड़े हो जाएंगे। 1990 में लिनेकर ने चाक और प्लेट ने तीन गोल किए थे। वहीं, दूसरी तरफ पनामा की कोशिश पहला गोल करने की रहेगी वरना अंगोला, त्रिनिदादा और टोबैगो की श्रेणी में वह खड़ा हो जाएगा। 2006 में दोनों देश अपने पहले विश्व कप के दो मैचों में गोल नहीं कर सके थे।

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