स्थानापन्न खिलाड़ी जेम्स मोंगा के बेहतरीन गोल से ईस्ट बंगाल ने इंडोनेशिया के दिग्गज क्लब सीमन पेडांग को 1-1 से ड्रॉ पर रोककर एएफसी कप फुटबॉल चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
ईस्ट बंगाल ने 17 सितंबर को अपने घर कोलकाता में खेले गए मुकाबले में इंडोनेशिया को 1-0 से हराया था इसलिए कुल 2-1 की जीत के साथ ईस्ट बंगाल अंतिम चार में जगह बनाने में सफल रहा।
ईस्ट बंगाल इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचना वाला दूसरा भारतीय क्लब है। इससे पहले 2008 में डेम्पो स्पोर्ट्स क्लब सेमीफाइनल में पहुंचा था।
पेडांग (इंडोनेशिया) में मंगलवार को गोर हाजी अगुस सलीम स्टेडियम में भीषण गर्मी में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय क्लब का खेल हालांकि शुरुआत में बिखरा नजर आया।
इंडोनेशियाई पहले मिनट में ही गोल करने के करीब पहुंच गया लेकिन गोल करने में सफल नहीं हो सका। ईस्ट बंगाल के नाइजीरियाई खिलाडी इदेह चिदी दसवें मिनट में विपक्षी खेमे में हलचल मचाते हुए बाक्स में घुस गए लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
हालांकि यहां पेनल्टी की गुंजाइश थी लेकिन मैच रेफरी ने इसे नहीं माना। खेल के 24वें मिनट में पेडांग के एडवर्ड विल्सन ने ईस्ट बंगाल के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह के एक खराब शॉट पर गेंद को हथियाते हुए दो डिफेंडरों को छकाकर गोल कर दिया।
मध्यांतर से पांच मिनट पहले ईस्ट बंगाल को एक और झटका लगा। टीम के जापानी स्ट्राइकर रयूजी सुयोका को पैर में चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा और उनकी जगह दक्षिण सूडान के जेम्स मोगा मैदान में आए थे।
इस बीच चिदी की जगह बलजीत सिंह साहनी को मैदान में उतारा गया जिनके दाएं छोर से फेंके गए क्रॉस पर मोगा ने 12 मिनट शेष रहते गोल कर डाला और ईस्ट बंगाल को पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।
इस ड्रॉ से फेडरेशन कप विजेता ईस्ट बंगाल ने इस क्लब टूर्नामेंट में अपना अपराजेय अभियान बरकरार रखा।