नाइजीरिया को 2-0 से, अर्जेंटीनो को 3-0 से और आइसलैंड को 2-1 से मात दी।
क्रोएशिया ने इस विश्वकप में नाइजीरिया को पिटते हुए विजयी शुरूआत की। पेनल्टी के सहारे लूका मॉड्रिक ने शानदार गोल दागा था। मैच का दूसरा गोल आत्मघाती गोल था जिसे नाइजीरिया के एटेबो ने दागा था। मुकाबले को क्रोएशिया ने 2-0 से जीत लिया।
अर्जेंटीना को दूसरे मैच में 3-0 से रौंदते हुए क्रोएशिया ने सभी को चौंका दिया था। पहले हाफ तक मुकाबला गोल रहित रहा था। मगर अंतिम हाफ में क्रोएशिया के लिए 53वें मिनट में रेबिच ने, 80वें मिनट में लूका मॉड्रिक और इंजरी टाइम में इवान रैकिटिच ने शानदार गोल दागा था।
आइसलैंड से ग्रुप स्टेज का तीसरा और आखिरी मुकाबले था। इस मैच को 2-1 से जीत क्रोएशिया ने ग्रुप स्टेज में अपना पहला स्थान पक्का किया। मैच के 53 वें मिनट में मिलान बदेल्ज और मुकाबले के अंतिम मिनट में क्रोएशिया के इवान पेरिसिच ने शानदार गोल दाग क्रोएशिया को जीत दिला दी।
नॉकआउट अंतिम 16 में डेनमार्क को 1-1 की बराबरी के बाद शूटआउट में हराया। मैच के 4 मिनट में ही 2 गोल दागे गए। पहला गोल डेनमार्क के जोर्गेनसन ने पहले मिनट में ही कर दिया। वहीं दूसरा गोल क्रोएशिया के मारियो मंजुकिच ने चौथे मिनट में दागा। इसके बाद अगले 86 मिनट तक कोई गोल नहीं हो सका।
मैच अतिरिक्त समय तक गया, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में भी गोल नहीं हो पाया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया ने मैच को 3-2 से जीत लिया। क्रोएशिया के गोलकीपर सुबासिच इस मैच के हीरो बनकर उभरे। सुबासिच ने पेनल्टी शूटआउट में 3 गोल बचाए।
मेजबान रूस को क्वार्टरफाइनल में 2-2 के बाद शूटआउट में हराया। अंतिम समय तक मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहा। रूस के डेनिस चेरिशेव ने 31वें मिनट में गोल दाग रूस को बढ़त दिला दी थी।
मगर 39वें मिनट में क्रोएशिया के क्रैमरिच ने गोल दाग मुकाबला बराबरी पर ला दिया। अगले हाफ में कोई भी गोल नहीं हो पाया और मैच अतिरिक्त समय में चला गया।
100वें मिनट में क्रोएशिया के विदा ने हेडर से शानदार गोल दाग क्रोएशिया को बढ़त दिलाई। तभी रूस के फर्नांडीस ने 115वें मिनट में गोल कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद कोई गोल नहीं हो सका और मुकाबला अतिरिक्त समय में चला गया।
पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया ने मुकाबला 4-3 से जीत लिया। इस मैच में भी गोलकीपर सुबासिच ने शानदार खेल दिखाया। चोटिल होने के बावजूद उन्होंने बेहतरीन गोलकीपिंग की और क्रोएशिया को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया।
इंग्लैंड की कठिन चुनौती के आगे भी क्रोएशिया नहीं घबराया। सेमीफाइनल के इस मुकाबले के 5वें मिनट में ही इंग्लैंड के कीरन ट्रिपिएर ने पेनल्टी पर शानदार गोल दाग इंग्लैंड को बढ़त दिला दी। मैच का अगला गोल 68वें मिनट में क्रोएशिया के इवान पेरिसिच ने दाग कर मैच में वापसी की।
फुल टाइम तक कोई गोल नहीं होने के बाद तीसरी बार लगातार क्रोएशिया का मुकाबला अतिरिक्त टाइम में चला गया। 109वें मिनट में क्रोएशिया के मारियो मंजुकिच गोल दाग हीरो बनकर उभरे। इसके साथ ही इंग्लैंड का सफर इस विश्व कप में समाप्ता हुआ तो क्रोएशिया पहली बार विश्व कप के फाइनल में पहुंची।