मैच से पहले दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना को श्रद्धांजलि दी गई। निल्टन सांतोस स्टेडियम पर कोई दर्शक मौजूद नहीं था। दक्षिण अमेरिका फुटबॉल की शीर्ष इकाई कोनमेबोल ने इस श्रद्धांजलि का आयोजन किया था। माराडोना का 60 वर्ष की उम्र में नवंबर में निधन हो गया था। तीन मिनट का वीडियो ‘लिव इज लाइफ’ गीत के साथ कोनमेबाल के सोशल मीडिया चैनलों पर साझा किया गया।
यह वही गीत है जो 1989 में बायर्न म्यूनिख के खिलाफ युएफा कप सेमीफाइनल से पहले नपोली के लिए अभ्यास करते माराडोना के मशहूर वीडियो के साथ बजता आया है। वीडियो में माराडोना को अर्जेंटीनोस जूनियर्स, बोका जूनियर्स, बार्सिलोना, नपोली, सेविला, न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज और अर्जेंटीना टीमों के लिए अलग-अलग जर्सी में खेलते दिखाया गया। वीडियो के आखिर में 2001 में बोका जूनियर्स को विदा देते माराडोना का भाषण दिखाया गया।
इसमें उन्होंने कहा था,‘यह जश्न कभी खत्म नहीं हो। मेरे लिए आपका यह प्यार हमेशा बना रहे।’लियोनल मेसी के पास अपनी राष्ट्रीय टीम अर्जेंटीना के लिए खिताब जीतने का यह आखिरी मौका है। उन्होंने मैच से पूर्व कहा था कि अर्जेंटीना के लिए ट्रॉफी जीतना उनका सपना है। इस माह के आखिर में 34 साल के होने जा रहे मेसी अपने क्लब बार्सिलोना के लिए कई खिताब जीत चुके हैं।
स्पेन और स्वीडन के बीच यूरो कप का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा। दोनों टीमों को गोल करने के कई मौकेमिले लेकिन कोई उन्हें भुना नहीं सकी। स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण में बाजी मारकर दबाव बनाए रखा लेकिन स्वीडन ने उसे गोल करने का मौका नहीं दिया।
स्वीडन ने भी कुछ मौके बनाए लेकिन गोल में नहीं बदल सके। स्पेन ने गेंद पर 75 प्रतिशत कब्जा रखा और 17 प्रयास किए जिनमें से पांच गोल पर थे लेकिन फिनिशिंग तक नहीं जा सके। स्वीडन ने चार प्रयास किए और सभी नाकाम रहे। स्पेन यूरो चैंपियनशिप के आखिरी 14 ग्रुप मैच में से एक ही में गोल करने में नाकाम रहा है। वहीं स्वीडन ने पिछले 17 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी ड्रॉ नहीं खेला था।