फीफा विश्व कप में पहली बार कदम रखने वाली केप वर्डे ने अपना शानदार सफर जारी रखते हुए नॉकआउट दौर में जगह बना ली है। हालांकि, अब उसके लिए आगे की राह बेहद कठिन है क्योंकि राउंड ऑफ 32 में उसका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। शनिवार को खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में केप वर्डे ने सऊदी अरब के साथ गोल रहित ड्रॉ खेला। इस ड्रॉ और ग्रुप के एक अन्य मैच में स्पेन द्वारा उरुग्वे को 1-0 से हराने के बाद टूर्नामेंट की शुरुआत में 67वीं रैंकिंग पर मौजूद केप वर्डे ग्रुप एच में स्पेन के बाद दूसरे स्थान हासिल करने में सफल रही।
इतिहास रचने की ओर कदम
करीब पांच लाख से ज्यादा की आबादी वाले इस छोटे से देश ने अपने ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में अजेय रहकर एक नया इतिहास रच दिया है। अब इस खूबसूरत सफर का अगला अध्याय चार जुलाई को मियामी में लिखा जाएगा, जहां केप वर्डे का मुकाबला लियोनल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना से होगा। कागजों में दोनों टीमों के बीच कोई तुलना ही नहीं है, लेकिन केप वर्डे के पास इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का सुनहरा अवसर होगा।
ग्रुप एच का हाल
- स्पेन सात अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। टीम ने अपने पहले मैच में केप वर्डे के साथ ड्रॉ खेला था।
- केप वर्डे तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट में पहुंचा।
- उरुग्वे और सऊदी अरब की टीमें दो-दो अंकों के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
- अब अगले दौर में स्पेन का सामना ग्रुप जे में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा, जो अल्जीरिया या ऑस्ट्रिया में से कोई एक हो सकती है।
गोलकीपर वोजिन्हा बने नायक
इतिहास रचने के इरादे से मैदान पर उतरे केप वर्डे के कोच बुबिस्टा ने अपनी शुरुआती टीम में आधे से ज्यादा बदलाव किए थे, जिनमें से कुछ बदलाव मजबूरी में करने पड़े थे। हालांकि, उन्होंने अपने स्टार और हीरो गोलकीपर वोजिन्हा पर भरोसा बनाए रखा था। सऊदी अरब के खिलाफ केप वर्डे को गोल करने के कई मौके मिले थे, लेकिन टीम इन मौकों को भुना नहीं सकी।
यादगार सफर की झलक
अफ्रीका के पश्चिमी तट पर बसे केप वर्डे के इस सपने को सच करने में उनके 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा की भूमिका सबसे अहम रही। उन्होंने अपने पहले ही विश्व कप मैच में अकेले दम पर टीम की दीवार बनकर यूरोपीय चैंपियन स्पेन को ड्रॉ पर रोककर एक ऐतिहासिक अंक दिलाया था। इसके बाद, केप वर्डे ने दो बार की पूर्व चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ भी शानदार खेल दिखाते हुए 2-2 से ड्रॉ खेला था। इसी जुझारू प्रदर्शन की बदौलत केप वर्डे सऊदी अरब के खिलाफ मैच से पहले नॉकआउट की रेस में मजबूती से खड़ा था और अंततः उन्होंने ड्रॉ खेलकर नॉकआउट में पहुंचने का सपना पूरा किया।