भारतीय फुटबॉल टीम को ब्राजील के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबले से पहले एक और बड़ी चुनौती मिल गई है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने मंगलवार को बताया कि भारत 26 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में पनामा की मेजबानी करेगा। हालांकि, मैच किस मैदान पर खेला जाएगा, इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पनामा 2026 फीफा विश्व कप में हिस्सा ले चुका है। ऐसे में ब्राजील से भिड़ने से ठीक पहले भारतीय टीम को एक और विश्व कप टीम के खिलाफ खुद को परखने का मौका मिलेगा।
फीफा रैंकिंग में 44वें नंबर पर है पनामा
पनामा इस समय फीफा की ताजा रैंकिंग में 44वें स्थान पर है। यानी वह दुनिया की शीर्ष-50 टीमों में शामिल है। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी अहम होगा क्योंकि खालिद जमील की टीम को मजबूत अंतरराष्ट्रीय विपक्ष के खिलाफ अपनी तैयारी और स्तर को परखने का मौका मिलेगा। भारत और पनामा की टीमें पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। यह भारत का किसी अलग कॉनकाकाफ (CONCACAF) प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नौवां मुकाबला भी होगा।
विश्व कप टीमों के खिलाफ लगातार मुकाबले
पनामा के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए विश्व कप में खेलने वाली टीमों के खिलाफ प्रस्तावित चार मैचों की शुरुआत करेगा। इसके बाद भारतीय टीम 3 अक्टूबर को ब्राजील से भिड़ेगी। नवंबर में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ भी दो मुकाबले खेलने हैं। दोनों टीमें 12 और 15 नवंबर को आमने-सामने होंगी। इस तरह भारतीय टीम को इस अवधि में उन टीमों के खिलाफ खेलने का शानदार मौका मिलेगा, जो 2026 विश्व कप का हिस्सा रही हैं।
'पनामा के खिलाफ मुकाबला होगा कड़ी चुनौती'
एआईएफएफ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने पनामा के खिलाफ मुकाबले को ब्राजील मैच से पहले महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, 'ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले पनामा के खिलाफ मुकाबला हमारे लिए कड़ी चुनौती होगा। पनामा दुनिया की शीर्ष-50 टीमों में है और यह खालिद जमील की टीम के लिए कड़ी परीक्षा होगी।' सत्यनारायण ने आगे कहा, 'भारतीय खिलाड़ियों को इस तरह की मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का जरूरी अनुभव मिलेगा। आमतौर पर भारत को विश्व कप में खेलने वाली टीमों के खिलाफ मुकाबले खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते। इसलिए यह फीफा विंडो हमारे लिए काफी उपयोगी होगी।'