आर्मी ग्रीन ने सांस रोक देने वाले फाइनल में नेरोका क्लब को सडनडेथ पेनल्टी शूटआउट में 6-5 से हराकर 128 वें डूरंड कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
आर्मी ग्रीन ने सेमीफाइनल में भी पूर्वोत्तर के एक अन्य क्लब आइजोल एफसी को पेनल्टी शूटआउट के जरिए ही हरा कर पहली बार फाइनल में स्थान पाया था। आर्मी ग्रीन को यह खिताब जीतने पर बतौर इनाम 45 लाख रुपये और उपविजेता नेरोका क्लब को 20 लाख रुपये मिले।
सडनडेथ में नेरोका क्लब के गोविन सिंह मौका चूक गए खलनायक बन गए। नब्बे मिनट के निर्धारित समय और 30 मिनट के अतिरिक्त समय में गोल नहीं होने पर फाइनल पेनल्टी शूट में खिंच गया था।
पेनल्टी शूटआउट में आर्मी ग्रीन के लिए कप्तान पीसी लालवमनकिना, पीडी गुरुंग, उत्तम दास और पीवी लिनेश ने पेनल्टी किक को गोल में बदला जबकि बॉबी चंद की किक को नेरोका के गोलरक्षक ललित थापा ने बेहतरीन पूर्वानुमान लगाकर रोका।
नेरोका क्लब के लिए सुभाष सिंह, डेविड बिकालरा, सुहेल शाह और धनजंय सिंह ने पेनल्टी किक को गोल में बदला। नेरोका के सबसे अनुभवी खिलाड़ी सुशील सिंह ने सीधे गेंद को आर्मी ग्रीन के गोलरक्षक शानूस के हाथों में थमा दिया। दोनों टीमों के पेनल्टी शूटआउट में चार चार से बराबर रहने के बाद सडनडेथ का नियम लागू किया।
सडनडेथ में नेरोका के अशोक सिंह ने पेनल्टी किक पर गोल कर उसे 5-4 से आगे कर दिया। बिकास ने आर्मी ग्रीन को पांच-पांच की बराबरी दिला दी। नेरोका के गोविन सिंह मौका चूक गए। अनुभवी पीडी गुरुंग ने गोल कर आर्मी ग्रीन को 6-5 से जीत दिला कर खिताब जिता दिया।