फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

FIFA U-17 World Cup: कप्तान अमरजीत ने बताया, टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत क्या है

Sun, 01 Oct 2017 03:41 PM IST
amarujala.com-presented by: मुकेश झा
विज्ञापन
अमरजीत सिंह - फोटो : ht
विज्ञापन
भारत पहली बार फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी करने को तैयार है। 17 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के इस विश्व कप का आयोजन 6 से 28 अक्टूबर तक भारत के छह शहरों में होगा।
विज्ञापन


इसी क्रम में अमरजीत सिंह कियाम को फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिये भारतीय टीम का कप्तान चुन लिया गया है। इससे कियाम बहुत ही अाश्चर्यचकित हैं। इस मामले में टीम के हेड कोड डि मातोस ने कहा कि वो खिलाड़ियों से वोटिंग करवाए और अंतरिम वोटिंग में  सबसे ज्यादा वोट कियाम को मिले और वो कप्तान के लिए चुन लिए गए। 

अमरजीत ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'जब कोच ने मुझे कहा कि मैं टीम का कप्तान चुना गया हूं तो मैं अश्चर्यचकित था। मेरे लिये यह शानदार फिलिंग थी। लेकिन हम एक टीम की तरह खेलते है, एक टीम की तरह जीतते है, टीम की तरह हारते है। व्यक्तिगत प्रदर्शन ज्यादा मायने नहीं रखता, इस टीम की मजबूती ही इसकी एकता है।'  मणिपुर के थाउबाल जिले की हाओखा ममांग गांव के रहने वाले अमरजीत के लिये यहां तक का सफर काफी मुश्किल भरा रहा है। उनके पिता किसान है और उनकी फुटबाल की जरुरतों को पूरा करने के लिये मां मछली बेचती है।
विज्ञापन


पढ़ेंः- भारत फीफा अंडर-17 विश्व कप की  मेजबानी को पूरी तरह तैयार: पटेल

अमरजीत ने कहा,  'मेरे पिता किसान है और खाली समय में बढ़ई का काम करते है, मेरी मां गांव से 25 किलोमीटर दूर जा कर मछली बेचती है ताकि मेरा फुटबाल खेलने के सपना पूरा हो सकें।'  कप्तानी को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा, 'टीम में जब जरूरत होती है, मैं तभी बोलता हूं। अगर जरूरी नहीं हुआ तो मैं नहीं बोलता हूं। मैं चाहता हूं कि सभी अपने तरीके से 'कप्तान' रहे और अपनी भूमिका में हावी रहे।' 
विज्ञापन

बचपन से ही देश के लिये खेलने का सपना

अमरजीत सिंह - फोटो : toi
अमरजीत से जब ग्रुप ए की दूसरी मजबूत टीमें अमेरिका, कोलंबिया और पूर्व चैम्पियन घाना से मुकाबले के बारे में पूछा गया तो अमरजीत ने कहा, 'मेजबान देश के तौर पर भारत इस विश्व कप में दमदार प्रदर्शन करेगा। विश्व कप में भाग लेने वाली हर टीम की अपनी चुनौती है। हम अपने विरोधी टीम का सम्मान करते है, वे कड़े प्रतिद्वंदी होंगे। लेकिन हम जीतने के लिये खेलेंगे और मैच के आखिरी पलों तक हम लड़ेंगे।'

उन्होंने कहा, 'मैं सोचता था कि एक दिन देश का प्रतिनिधित्व करूंगा और अब मैं अंडर-17 विश्व कप में खेलने वाला हूं। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा क्योंकि यह सपने की तरह है।' अमरजीत ने स्कूल के दिनों में फुटबाल खेलना शुरू किया था और 2010 में वह चंडीगढ़ स्थित फुटबाल अकादमी में गये जहां खेलने के अलावा उन्हें मुफ्त में रहने और पढ़ने की सुविधा भी मिली। साल 2015 में चंडीगढ़ स्थित फुटबाल अकादमी से गोवा की ओर रवाना हो गए। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की आंखों में अमरजीत बस गए और उन्हें गोवा के एआईएफएफ अकादमी में बुलाया गया और तब से वह वहां प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

बता दें कि फुटबाल के प्रति जुनूनी राज्य में जन्म लेने वाले इस खिलाड़ी ने बचपन से ही देश के लिये खेलने का सपना देखा है जो इस विश्वकप के साथ पूरा होने वाला है। वर्ल्ड कप 6 से 28 अक्तूबर तक खेला जायेगा। वहीं, दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में भारतीय टीम ग्रुप चरण के तीनों मैच खेलेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें