क्लब के एडमिनिस्ट्रेशन में शामिल रहीं जॉय हर्ट के पिता ने क्लब को जिंदगी के 44 साल दिए। वे बरी एफसी के ही खिलाड़ी रहे, फिर मैनेजर, कोच और फीजियो भी रहे। अब इन बुरे हालातों की ओर फुटबॉल जगत का ध्यान दिलाने के लिए जॉय ने गुरुवार को क्लब के दफ्तर के बाहर खुद को एक खंभे से हथकड़ी लगाकर बांध लिया और पूरे दिन ऐसे ही खड़ी रहीं।
क्लब के दफ्तर के बाहर नाराज फैन्स ताबूत लेकर पहुंचे, जिस पर रेस्ट इन पीस बरी एफसी लिखा था। ये टीम के फैंस हैं, जो अपील कर रहे हैं कि या तो डेल क्लब बेचने को राजी हो जाएं या कोई अन्य बड़ा क्लब बरी एफसी की मदद के लिए आगे आए। क्लब के सभी खिलाड़ी बेहद दयनीय हालात में रह रहे हैं।