अर्जेंटीना 1990 और 2014 में भी फाइनल में पहुंचा था, लेकिन दोनों मौकों पर जर्मनी से हार गया था। रविवार को यह टीम अपने छठे फाइनल में उतरेगी। यहां तक पहुंचना अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा है। आइए जानते हैं इस विश्व कप में अर्जेंटीना का सफर कैसा रहा?
फीफा विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना की टीम गत चैंपियन फ्रांस के खिलाफ खेलेगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रविवार (18 दिसंबर) को लुसैल स्टेडियम में खेला जाएगा। अर्जेंटीना की नजर तीसरी बार चैंपियन बनने पर है। उसने 1978 और 1986 में खिताब अपने नाम किया था। अब सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शामिल किए जाने वाले लियोनल मेसी अपनी कप्तानी में टीम को 36 साल बाद चैंपियन बनाना चाहेंगे।
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अर्जेंटीना 1990 और 2014 में भी फाइनल में पहुंचा था, लेकिन दोनों मौकों पर जर्मनी से हार गया था। रविवार को यह टीम अपने छठे फाइनल में उतरेगी। यहां तक पहुंचना अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा है। उसे पहले ही मैच में सऊदी अरब ने हराकर चौंका दिया। टीम पर ग्रुप दौर से ही बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था। ऐसा लग रहा था कि लियोनल मेसी का सपना पहले ही दौर में टूट जाएगा, लेकिन अर्जेंटीना ने जबरदस्त वापसी की।
मेसी ने अपने दम पर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। उन्होंने इस विश्व कप में अब तक चार गोल और तीन असिस्ट किए हैं। अपनी कप्तानी में टीम को प्रेरित किया और लड़ते हुए फाइनल तक पहुंच गए। आइए जानते हैं इस विश्व कप में अर्जेंटीना का सफर कैसा रहा?
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ग्रुप दौर
लियोनल मेसी
- फोटो : सोशल मीडिया
अर्जेंटीना को सऊदी अरब, पोलैंड और मैक्सिको के साथ ग्रुप सी में रखा गया था।
पहला मैच: सऊदी अरब के खिलाफ पहले मैच में टीम 1-2 से हार गई। लियोनल मेसी ने मैच में टीम के लिए पहला गोल किया। पहले हाफ में 1-0 से आगे रहने वाली अर्जेंटीनी टीम को 1-2 से हार मिली। सऊदी अरब ने दूसरे हाफ में गोल कर दो बार की चैंपियन टीम को चौंका दिया।
दूसरा मैच: दूसरे मैच में सबकी नजर मेसी पर थी। अर्जेंटीना के सामने मैक्सिको की चुनौती थी। अगर अर्जेंटीनी टीम इस मुकाबले में हार जाती तो विश्व कप से बाहर हो जाती। मेसी ने इस बार किसी को निराश नहीं किया। उन्होंने पहला गोल किया। फिर एंजो फर्नांडेज ने दूसरा गोल कर टीम को 2-0 से जीत दिला दी।
तीसरा मैच: पोलैंड के खिलाप आखिरी मैच में अर्जेंटीना को जीत हासिल करनी थी। ड्रॉ रहने पर भी उसकी उम्मीदें कायम रहतीं। अर्जेंटीना ने इस टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया और 2-0 से जीत हासिल की। उसके लिए जूलियन अल्वारेज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने गोल किए। टीम ने ग्रुप दौर में शीर्ष स्थान हासिल किया।
नॉकआउट राउंड
गोल करने के बाद मेसी
- फोटो : सोशल मीडिया
प्री-क्वार्टर फाइनल (अर्जेंटीना बनाम ऑस्ट्रेलिया)
अर्जेंटीना मजबूत होकर नॉकआउट दौर में आई थी। मेसी ने एक बार फिर टीम के लिए पहला गोल किया। उनके बाद जूलियन अल्वारेज ने टीम के लिए दूसरा गोल दागा। ऑस्ट्रेलिया ने एक गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना ने उसे वापसी नहीं करने दी। अंतिम क्षणों में गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने शानदार बचाव कर टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया।
क्वार्टर फाइनल (अर्जेंटीना बनाम नीदरलैंड)
ऑस्ट्रेलिया के बाद अर्जेंटीना के सामने नीदरलैंड की चुनौती थी। दोनों टीमें आठ साल बाद नॉकआउट मैच में आमने-सामने हुई थीं। 2014 में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को सेमीफाइनल में हराया था। तब मैच का नतीजा पेनल्टी शूटआउट में निकला था। अर्जेंटीना ने इस बार धमाकेदार शुरुआत की और 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। नीदरलैंड ने आखिरी 15 मिनट में जबदस्त वापसी की और दो गोल कर मैच को पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा दिया। वहां, अर्जेंटीना ने 4-3 से जीत हासिल की। इस मैच में रेफरी ने 18 कार्ड दिखाए।
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी
- फोटो : सोशल मीडिया
सेमीफाइनल (अर्जेंटीना बनाम क्रोएशिया)
अर्जेंटीना ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने की क्रोएशिया की उम्मीदों को खत्म कर दिया। उसने 3-0 से जीत हासिल की। मैच में लियोनल मेसी ने पहला गोल पेनल्टी पर किया। उनके बाद जूलियन अल्वारेज ने दो गोलकर क्रोएशिया की उम्मीदों को खत्म कर दिया। मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना की टीम 2014 के बाद फिर से फाइनल में पहुंच गई।