ब्राजील में समाप्त हुआ 2014 वर्ल्ड कप गोलकीपरों के शानदार प्रदर्शन के लिए भी याद किया जाएगा।
अर्जेंटीना के गोलकीपर सर्जियो रोमेरो पिछले सीजन मोनाको में सिर्फ एक लीग खेले थे लेकिन सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में रॉन व्लार और वेस्ले श्नाइडर के गोल रोककर वह अपने देश में हीरो बन गए।
रॉन व्लार की बदौलत ही अर्जेंटीना 24 साल बाद वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच सका था। गोलकीपरों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत नॉर्थ अमेरिका फेडरेशन की तीन टीमें पहली बार नॉकआउट में जगह बनाने में सफल रही।
मैक्सिको के चमत्कारिक गोलकीपर गुइलेरमो ओचोआ के ब्राजील के खिलाफ नायाब प्रदर्शन को कौन भूल सकता है। ब्राजील के खिलाफ ओचोआ ने 4 खतरनाक शॉट्स बचाए थे। वहीं नीदरलैंड के खिलाफ भी ओचोआ का प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा था।
3 बार मैन ऑफ द मैच बना यह गोलकीपर
कोस्टा रिका के गोलकीपर केलोर नावास अपनी शानदार गोलकीपिंग के लिए तीन बार ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड दिया गया।
अर्जेंटीना के लियोनल मेस्सी (चार बार) के बाद वह सबसे ज्यादा ‘मैन ऑफ द मैच’ अवॉर्ड पाने वाले खिलाड़ी रहे। यूनान के खिलाफ नॉकआउट दौर में पेनल्टी शूटआउट के दौरान उन्होंने थियोफेनिस गेकास के जबरदस्त शॉट्स को रोका और पहली बार कोस्टा रिका को अंतिम-आठ में जगह दिलाई।
अमेरिका के गोलकीपर टिम होवार्ड कि तुलना यदि ‘दीवार’ से की जाए तो गलत नहीं होगा। बेल्जियम के खिलाफ नॉकआउट दौर में होवार्ड ने रिकॉर्ड 16 शॉट्स रोके। हालांकि अमेरिका यह मैच 1-2 से हार गया लेकिन होवार्ड का प्रदर्शन हमेशा याद रखा जाएगा।
ओबामा भी खुश हुए गोलकीपर से
35 वर्षीय टिम होवार्ड के इस प्रदर्शन से अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी काफी प्रभावित हुए और उन्होंने इस अनुभवी गोलकीपर को व्यक्तिगत रूप से फोन करके शुभकामनाएं दी।
नीदरलैंड्स के गोलकीपर टिम क्रूल कोस्टा रिका के खिलाफ र्क्वाटर फाइनल में दो पेनल्टी शॉट् बचाकर सुर्खियों में आए। इस मुकाबले में डच टीम के कोच ने टिम क्रूल को 120वें मिनट में पेनल्टी शूटआउट के लिए मैदान में उतारा।
क्रूल ने 5 पेनल्टी में से 2 बचाई और टीम को 4-3 से जीत दिलाई। वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार किसी टीम ने गोलकीपर को पेनल्टी शूटआउट में अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में उतारा था।