यूं तो वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ब्राजील, अर्जेंटीना जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसी दिग्गज टीमें पहुंचने में सफल रही थी।
कुछ टीमें ऐसी भी रहीं जिन पर किसी ने दांव नहीं लगाया था लेकिन उन्होंने जिस तरह से प्रदर्शन किया उसने सभी को चौंका दिया। इन्हीं में से एक टीम ने जोरदार खेल दिखाते हुए पिछली बार की चैंपियन टीम स्पेन तक को पहले ही चरण से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
आइए, जानते हैं कि एक महीने तक चले फुटबॉल के इस महाकुंभ में किन 5 टीमों ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और बड़ी टीमों का काम बिगाड़ दिया।
'छुपा रूस्तम' बनी कोलंबिया की टीम
वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी में शामिल कोलंबिया टूर्नामेंट की छुपा रुस्तम साबित हुई और उसने पहली बार र्क्वाटर फाइनल तक का सफर तय किया।
कोलंबिया ने अपने ग्रुप में ग्रीस, आइबरी कोस्ट और जापान को करारी शिकस्त दी। नॉकआउट दौर में कोलंबिया ने दो बार की पूर्व चैंपियन उरुग्वे को 2-0 से करारी शिकस्त देकर सभी को चौंका दिया।
र्क्वाटर फाइनल में भी ब्राजील के हाथों 2-1 से हारने से पहले उसने मेजबानों को कड़ी टक्कर दी।
चिली ने दोहराया 64 साल पुराना इतिहास
ग्रुप-बी में शामिल चिली ने 64 साल पुराना इतिहास दोहराते हुए 1950 के बाद वर्ल्ड कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और नॉकआउट दौर में पहुंची।
अपने ग्रुप में गत चैंपियन और वर्ल्ड नंबर वन स्पेन को 2-0 से चौंकाने वाली चिली ने अमेरिका को 3-1 से हराया।
हालांकि नॉकआउट दौर में चिली दुर्भाग्यशाली रहा। मेजबान ब्राजील को निर्धारित समय में 1-1 से रोकने वाली चिली पेनल्टी शूटआउट में नेमार की टीम को नहीं हरा सकी।
चमत्कारिक खेल दिखाया कोस्टा रिका ने
उरुग्वे और इटली जैसी पूर्व चैंपियन टीमों को हराकर कोस्टा रिका ने सभी को हैरान कर दिया।
2 जीत और इंग्लैंड से ड्रॉ खेलकर कोस्टा रिका की टीम ग्रुप-डी में शीर्ष पर रही। नॉकआउट दौर में ग्रीस को पेनल्टी शूटआउट में हराकर कोस्टा रिका ने पहली बार अंतिम-8 में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में कोस्टा रिका ने मजबूत नीदरलैंड्स के साथ निर्धारित समय तक गोलरहित मुकाबला खेला लेकिन पेनल्टी शूटआउट में वह डच टीम को नहीं पछाड़ सकी।
अमेरिका भी पीछे नहीं रहा
2010 वर्ल्ड कप की तरह इस बार भी अमेरिकी टीम ने दिग्गज टीमों को पीछे छोड़ते हुए नॉकआउट राउंड तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
अमेरिका ने ग्रुप-जी में घाना पर जीत हासिल की जबकि पुर्तगाल के खिलाफ वह अंतिम समय में जीत हासिल करने से चूक गई और मुकाबला ड्रॉ रहा।
नॉकआउट चरण में भी अमेरिका ने बेहतरीन खेल दिखाया लेकिन कोलंबियाई टीम ने उसका शानदार अभियान 2-1 की जीत के साथ खत्म कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने डच टीम को चौंकाया
खेल जगत में दबदबा रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को फुटबॉल में बड़ी चुनौती नहीं मानी जाती है। लेकिन उसने इस बार अपना जोरदार खेल दिखाकर यह जता किया कि आने वाले समय में वे बड़ी चुनौती बनकर उभरेगी।
ग्रुप-बी में शामिल ऑस्ट्रेलिया के साथ गत वर्ल्ड चैंपियन स्पेन, नीदरलैंड्स और चिली थी। ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मुकाबले में चिली को जोरदार चुनौती दी, लेकिन उसे 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। कंगारू टीम ने नीदरलैंड्स को उम्मीद के मुताबिक जोरदार टक्कर दी।
डच टीम को ऑस्ट्रेलिया को हराने में पसीना बहाना पड़ा। हालांकि उसे इस मैच में भी हार मिली। लेकिन 3 के मुकाबले कंगारुओं ने दो गोल भी दागने में सफलता पाई।