फुटबॉल वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जर्मनी के हाथों बुरी तरह हारने के बावजूद ब्राजील के अधिकतर लोग रविवार को होने वाले फाइनल में अर्जेंटीना के बजाए जर्मनी का समर्थन कर सकते हैं।
अगर ऐसा हुआ तो ये ब्राजील और अर्जेंटीना के बीच ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता की जीत होगी।
वर्ल्ड कप के दौरान दोनों टीमों के बीच कोई मुकाबला नहीं हुआ है, लेकिन ब्राजील में स्टेडियम के अंदर और सड़कों पर आसानी से इस प्रतिद्वंद्विता को देखा जा सकता है।
नहीं जीत सकता अर्जेंटीना
अर्जेंटीना के मैचों के दौरान ब्राजील के फुटबॉल प्रेमी विपक्षी टीम की टी-शर्ट पहन कर स्टेडियम के अंदर चले जाते है और अर्जेंटीना से खेलने वाली टीम की हौसला अफजाई करते हैं।
इससे अंर्जेंटीना के प्रशंसक काफी नाराज हैं। अर्जेंटीना के समर्थक स्टेडियम के अंदर और बाहर हर जगह ब्राजील की शर्मनाक हार का मजाक उड़ा रहे हैं।
अपनी टीम की हार के बाद मजाक उड़ाए जाने से ब्राजील के लोग काफी नाराज हो गए है। एक मौके पर तो पुलिस को दखल तक देना पड़ा है। रियो डी जनेरियो के मेयर एडुआर्डो पेस ने पिछले साल एक साक्षात्कार में मजाक में कहा था कि अगर अर्जेंटीना वर्ल्ड कप के फाइनल में ब्राजील से जीतता है तो वह खुद को मार लेंगे।
लेकिन शुक्र है ऐसा नहीं होने जा रहा है।
महान खिलाड़ी को लेकर भी है विवाद?
साओ पाउलो के 27 वर्षीय गैब्रियल टेड्डे ने कहा, "अगर अर्जेंटीना फाइनल जीतता है तो मैं फुटबॉल देखना छोड़ दूंगा। वे बिल्कुल नहीं जीत सकते।"
ब्राजील के एक समर्थक लुई अमोरिम ने एक ब्राजीली अखबार से कहा, "मैं किसी का भी साथ दे सकता हूं, लेकिन अर्जेंटीना का नहीं। मैं पेले हूं, माराडोना नहीं।"
दोनों देशों के बीच महान खिलाड़ी को लेकर भी हमेशा विवाद रहा है और ये एक कभी नहीं खत्म होने वाला विवाद है। एक ओर जहां अर्जेंटीना के प्रशंसक माराडोना को सर्वकालिक महान खिलाड़ी मानते हैं तो वहीं ब्राजील के फुटबॉल प्रेमी पेले को।