बांबे हाईकोर्ट ने रविवार को कहा कि भारतीय बैडमिंटन संघ के मुख्य कोच और चयन समिति के प्रमुख पुलेला गोपीचंद का निजी प्रशिक्षण एकेडमी चलाना नैतिक रूप से गलत है।
मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति एवी मोहता ने कहा, ‘नैतिक रूप से चयन समिति का प्रमुख निजी एकेडमी नहीं चला सकता। वह अच्छे कोच हो सकते हैं लेकिन इंसाफ और निष्पक्षता की दृष्टि से एक राष्ट्रीय कोच और चयन समिति के सदस्य को निजी एकेडमी नहीं चलानी चाहिए।’ अदालत ने 19 बरस की प्रवक्ता सावंत की याचिका पर यह बात कही।
हैदराबाद में राष्ट्रीय अभ्यास शिविर में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सावंत ने गोपीचंद पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। भारतीय बैडमिंटन संघ ने मामले में प्रतिवादी बनाते हुए पीठ ने गोपीचंद की निजी एकेडमी के बारे में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। छह नवंबर को पिछली सुनवाई पर अदालत ने संघ को निर्देश दिया था कि सावंत को शिविर में भाग लेने की अनुमति दी जाए।