बॉक्सिंग और तीरंदाजी संघ पर कार्रवाई करने के बाद खेल मंत्रालय ने अब एक और खेल संघ एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) से जवाब तलबी कर ली है। मंत्रालय ने फेडरेशन के अप्रैल माह में हुए चुनाव में स्पोर्ट्स कोड के अनुसार चुनावी प्रक्रिया नहीं अपनाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस पहुंचते ही गुजरे जमाने के नामी स्प्रिंटर और फेडरेशन के अध्यक्ष आदिल सुमारीवाला सोमवार को मंत्रालय के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए पहुंच गए। फिलहाल मंत्रालय के सचिव पीके देब ने साफ कर दिया है कि उनका एएफआई पर प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है।
आईओसी की ओर से आईओए को प्रतिबंधित करने के बाद खेल मंत्रालय उस काम पर उतर आया है जो उसने अब तक नहीं किया। स्पोर्ट्स कोड को नहीं अपनाने वाले दो खेल संघों पर गाज गिराने के बाद उसके निशाने पर कुछ और खेल संघ हैं। इनमें एएफआई का नाम सामने आ चुका है। कुछ और संघों से भी इस संबंध में पूछताछ हो सकती है। मंत्रालय का उद्देश्य प्रतिबंध की आड़ में स्पोर्ट्स कोड को लागू कराने का है।
मंत्रालय की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में एएफआई से पूछा गया है कि चुनावी प्रक्रिया के लिए इलेक्टोरल कॉलेज को सही ढंग से प्रकाशित नहीं किया गया। साथ ही ऐसे सदस्य चुन कर आए हैं, जो पिछली कार्यकारिणी के सदस्य नहीं थे। वहीं सुमारीवाला ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष मंत्रालय के समक्ष रख दिया। वह एक बात साफ कर देना चाहते हैं कि उनका संघ पूरी तरह से मंत्रालय के साथ है।
चुनाव स्पो्टर्स कोड को ध्यान में रखकर कराए गए हैं। वहीं, खेल सचिव पीके देब का कहना है कि यह प्रचारित करना गलत होगा कि मंत्रालय ऐसे समय में खेल संघों को प्रतिबंधित करने की सोच रहा है। मंत्रालय को एएफआई की अध्यक्ष और सचिव पद के चुनाव को लेकर दिक्कत हैं। फेडरेशन से इन दोनों ही पदों पर दोबारा चुनाव कराने के लिए कहा गया है।