क्रिकेट के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने भी हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की तारीफ की थी। ब्रैडमैन ने ध्यानचंद के बारे में 1935 में कहा था कि जिस तरह मैं क्रिकेट में रन बनाता हूं ठीक उसी तरह ध्यानचंद हॉकी में गोल मार देते हैं। ब्रैडमैन के यह शब्द ध्यानचंद की महानता को बखूबी बयां करते हैं।
1935 में एडिलेड में दोनों ने मुलाकात की
ब्रैडमैन और ध्यानचंद
- फोटो : aajtak
क्रिकेट और हॉकी के इन दोनों सरताज ने एक बार मुलाकात भी की और आपस में हाथ भी मिलाया। 1935 में एडिलेड में यह मुलाकात हुई थी। दो ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुकी भारतीय हॉकी टीम 1935 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर गई। इस टीम में 21 साल के ध्यानचंद भी शामिल थे। 27 अप्रैल को टीम पर्थ पहुंची। इसके बाद वह एडिलेड गई। एडिलेड ब्रैडमैन का घर था।
ब्रैडमैन ने तस्वीरें भी खिंचवाई
ब्रैडमैन और ध्यानचंद
स्पोर्ट्स क्रीड़ा के अनुसार एडिलेड के मेयर जब टीम इंडिया का स्वागत कर रहे थे तो भारतीय हॉकी टीम ने ब्रैडमैन से मुलाकात की इच्छा जाहिर की। ब्रैडमैन ने मुलाकात का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। सिटी हॉल में मुलाकात हुई। ब्रैडमैन ने तस्वीरें भी खिंचवाई। इसी शाम ब्रैडमैन ने हॉकी मैच भी देखा, जिसमें भारतीय टीम ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया इलेवन को 1 के मुकाबले 10 गोलों से हरा दिया।
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