देश में बॉक्सिंग की बदली सूरत और क्यूबाई कोच बीआई फर्नांडीज की बढ़ी मांग को क्यूबाई सरकार ने भुना लिया है। क्यूबा डि स्पोर्ट्स ने फर्नांडीज के नए अनुबंध के बदले साई से पांच हजार अमेरिकी डॉलर की मांग की है। यह उनके वर्तमान वेतन 35 सौ डॉलर से कहीं अधिक है। लेकिन क्यूबाई कोच की उपयोगिता को ध्यान में रख इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन ने साई से क्यूबा डि स्पोर्ट्स की यह मांग भी मंजूर करने को कहा है। फेडरेशन की संस्तुति के बाद साई भी मुंह मांगा वेतन देने को तैयार हो गई है। इस नए अनुबंध के साथ फर्नांडीज के भारत आने का रास्ता साफ हुआ है। वह 23 अक्तूबर या उसके बाद यहां आएंगे।
20 सालों से बॉक्सिंग टीम के साथ जुड़े फर्नांडीज का वेतन तीन साल पहले 25 सौ डॉलर था। क्यूबा में प्रशिक्षकों से सीधे अनुबंध का प्रावधान नहीं है। अनुबंध क्यूबा डि स्पोर्ट्स के साथ होता है। वेतन का बड़ा हिस्सा सरकारी खजाने में जाता है। अब तक क्यूबा डि स्पोर्ट्स को फर्नांडीज के वेतन पर कोई एतराज नहीं था लेकिन पिछले कुछ सालों में देश को बॉक्सिंग में मिली सफलता साथ ही इस साल विशेष केस के तहत फर्नांडीज को द्रोणाचार्य अवार्ड दिए जाने के बाद उनकी बोली अचानक बढ़ा दी गई।
सूत्रों की मानें तो साई ने क्यूबा डि स्पोर्ट्स को पुराने वेतन पर अनुबंधित करने का प्रस्ताव भेजा। प्रस्ताव के साथ वीजा और 23 अक्तूबर का टिकट भी भेजा गया। लेकिन जवाब आया कि अब फर्नांडीज की कीमत पांच हजार डॉलर होगी। अगर नया प्रस्ताव मंजूर है तो उन्हें भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद आईबीएफ ने साई से कहा कि फर्नांडीज का रहना जरूरी है। इसलिए इसे मंजूर कर लिया जाए। साई ने इसके बाद क्यूबा को सूचित किया कि उन्हें नया प्रस्ताव मंजूर है।