अपनी एचआरटी कार में लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझने वाले नारायण कार्तिकेयन का मानना है कि समस्याओं के बावजूद उन्होंने साबित कर दिया है कि वह ग्रिड पर बेहतर स्थान और बेहतर टीम पाने के हकदार हैं।
कार्तिकेयन कार में तकनीकी दिक्कतों के कारण छह बार रेस पूरी नहीं कर सके। उनका सत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मोनाको ग्रां प्री में 15वां स्थान रहा। उसने हिस्पानिया के साथी प्रेडो डि ला रोसा से अच्छा प्रदर्शन किया और कुछ क्वालीफाइंग रेस में उसे हराया भी। अगले सत्र के लिए शीर्ष स्थान पर कोई जगह नहीं बची है। अब इक्के-दुक्के स्थान ही बचे हैं।
कार्तिकेयन का मानना है कि उसकी रफ्तार में इतना दम है कि वह बेहतर सीट पा सके। सहारा फोर्स इंडिया के निको हल्केनबर्ग अगले सत्र में सोबेर से जुड़ेंगे, जिसके मायने है कि भारतीय टीम को नए ड्राइवर की तलाश होगी। भारतीय टीम जुड़ने की संभावना के बारे में पूछने पर कार्तिकेयन ने कहा कि वह फोर्स इंडिया के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन फिलहाल उनका ध्यान बाकी चार रेस में अपनी टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन पर है।
उन्होंने कहा कि फोर्स इंडिया से जुड़ना अच्छा विकल्प होगा लेकिन उनकी अपनी रणनीति होगी। अटकलों के अनुसार एचआरटी प्रेडो डि ला रोसा को कायम रखेगा लेकिन दूसरी सीट अभी तय नहीं है, जो नरेन के पास है। नरेन ने हालांकि कहा कि इस स्पेनिश टीम के साथ उनका स्थान सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मैं 2013 में भी एचआरटी के साथ जुड़ा रहना चाहूंगा। कार्तिकेयन ने कहा कि सत्र के यूरोपीय चरण में अच्छा अभ्यास नहीं मिल पाने का उन्हें मलाल है लेकिन समग्र रूप से उन्होंने और टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि एक टीम के रूप में हमारे प्रदर्शन में सुधार आया है।