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CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आखिर क्यों स्वर्ण पदक से चूक गए भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह? खुद बताई असली वजह

Sun, 26 Jul 2026 06:00 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने खुलासा किया कि घुटने की चोट के कारण क्लीन एंड जर्क में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसकी वजह से स्वर्ण पदक उनसे दूर रह गया। हालांकि स्नैच में उन्होंने रिकॉर्ड बनाया और अब एशियाई खेलों में पदक जीतने का लक्ष्य रखा है।
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ऋषिकांता सिंह - फोटो : IANS
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विस्तार
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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। हालांकि मुकाबले के बाद उन्होंने स्वीकार किया कि यदि घुटने की समस्या नहीं होती तो परिणाम कुछ और भी हो सकता था। ऋषिकांता ने बताया कि उनकी तैयारी के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी क्लीन एंड जर्क में आई, जबकि स्नैच में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
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ऋषिकांता सिंह - फोटो : IANS
ऋषिकांता सिंह का पूरा बयान
ऋषिकांता ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। मैं भारतीय भारोत्तोलन महासंघ और खेल मंत्री का धन्यवाद करना चाहता हूं। सभी ने इस खेल के लिए बहुत सहयोग दिया, जिसकी बदौलत हम आज यह पदक देश के लिए जीत सके। मैं बेहद खुश हूं और इसका श्रेय सभी लोगों को देना चाहता हूं। मेरी ट्रेनिंग के दौरान कुछ दिक्कतें आई थीं। खासकर क्लीन एंड जर्क में परेशानी हुई, जबकि स्नैच काफी अच्छा रहा। मैंने स्नैच में रिकॉर्ड भी बनाया, लेकिन घुटने की समस्या के कारण क्लीन एंड जर्क में थोड़ा संघर्ष करना पड़ा। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाली प्रतियोगिताओं में मैं देश के लिए और पदक जीतूंगा। मेरा अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में पदक जीतना है और इसके लिए मैं अपना शत-प्रतिशत दूंगा।'

ऋषिकांता सिंह - फोटो : IANS
स्नैच में रिकॉर्ड, क्लीन एंड जर्क में चूके
मणिपुर के इस युवा भारोत्तोलक ने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर बेहतरीन शुरुआत की। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 143 किलोग्राम का सफल प्रयास किया। स्वर्ण पदक की दौड़ में बने रहने के लिए उन्होंने 148 किलोग्राम और फिर 151 किलोग्राम उठाने की कोशिश की, लेकिन दोनों प्रयास असफल रहे। इसी कारण उनका कुल वजन 264 किलोग्राम (121+143) रहा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। स्वर्ण पदक मलेशिया के मोहम्मद अनिक ने 273 किलोग्राम कुल वजन के साथ जीता। उन्होंने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन तीनों में राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड भी बनाए।
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ऋषिकांता सिंह - फोटो : IANS
एशियाई खेलों में पदक जीतने का लक्ष्य
रजत पदक जीतने के बाद ऋषिकांता ने कहा कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि भारतीय भारोत्तोलन महासंघ, खेल मंत्रालय और पूरी सहयोगी टीम की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे तथा एशियाई खेलों में देश के लिए पदक जीतने का पूरा प्रयास करेंगे।
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