स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का मुकाबला सोमवार से शुरू होने वाली राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम और श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे से होगा, जबकि भारत की नजरें पिछले सत्र की तुलना में अधिक पदक जीतने पर होंगी। नीरज के अलावा भारत के स्वर्ण पदक के प्रमुख दावेदारों में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर शामिल हैं जिन्होंने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। वहीं ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे भी स्वर्ण पदक के दावेदार हैं। उन्होंने हाल ही में 2.31 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।
एथलेटिक्स में कई पदक आने की उम्मीद
भारतीय टीम प्रबंधन को पुरुषों की भाला फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद और त्रिकूद स्पर्धा में दो-दो पदक की उम्मीद है। इसके अलावा पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़, डेकाथथन और महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में भी पदक मिलने की संभावना जताई जा रही है। पुरुषों की 100 मीटर बाधा दौड़, गोला फेंक और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी भारत को पदक का दावेदार माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो भारत कुल पदक के मामले में बर्मिंघम में जीते गए आठ पदक (एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य) से आगे निकल सकता है।
नीरज सितंबर 2025 से कमर दर्द की समस्या से परेशान हैं। इसी वजह से उन्होंने इस साल सत्र की शुरुआत में विलंब करते हुए अपना पहला मुकाबला 19 जून को दोहा डायमंड लीग में खेला। वहां उन्होंने 85.69 मीटर भाला फेंककर चौथा स्थान हासिल किया। यह प्रदर्शन उनके स्तर के हिसाब से कमजोर है। इसके बाद उन्होंने स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में एक महीने तक रिहैबिलिटेशन (चोट से उबरकर फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया) और अभ्यास किया। अब 28 साल के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज की कोशिश 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों जैसा प्रदर्शन दोहराने की होगी जहां उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। वह शुक्रवार को स्विट्जरलैंड से ग्लास्गो पहुंच गए।
भाला फेंक की स्पर्धा कब होगी?
नीरज ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि चोट के कारण वह 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं खेल सके थे। भारतीय एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर का कहना है कि नीरज पूरी तरह फिट हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार 32 सदस्यीय भारतीय टीम पिछले राष्ट्रमंडल खेलों से अधिक पदक जीतेगी। हालांकि नीरज के लिए स्वर्ण पदक जीतना आसान नहीं होगा। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में दुनिया के कई बड़े खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। क्वालिफाइंग मुकाबले 30 जुलाई को और फाइनल 31 जुलाई को होगा। अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन और जर्मनी के जूलियन वेबर को छोड़कर दुनिया के लगभग सभी बड़े भाला फेंक खिलाड़ी ग्लास्गो में खेलेंगे। भारत के रोहित यादव भी पदक के मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने पिछले महीने 87.05 मीटर भाला फेंका था जो इस सत्र में राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों के बीच दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है। यशवीर सिंह भी भारत की ओर से इस स्पर्धा में खेलेंगे। श्रीलंका के 23 वर्षीय पथिरागे इस समय सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं नदीम इस समय अच्छी फॉर्म में नहीं हैं।
लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने पिछले महीने 8.38 मीटर का प्रयास किया था। वह मौजूदा सत्र में राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों के बीच पहले स्थान पर हैं। वेन पिनॉक (8.39 मीटर) ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन जमैका ने उनकी जगह तेजाय गेल (8.37 मीटर) को भेजने का फैसला किया है। श्रीशंकर ने बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था और इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दूसरा पदक जीतने की कोशिश करेंगे।
कुशारे के पास पहला एथलेटिक्स पदक दिलाने का मौका
सोमवार को भारत का पहला एथलेटिक्स पदक कुशारे दिला सकते हैं। शिर्से भी उसी दिन मुकाबले में उतरेंगे। इसके अलावा मुरली श्रीशंकर, लोकेश सत्यनाथन और पूजा सिंह (महिला ऊंची कूद) भी अपने-अपने क्वालिफाइंग दौर खेलेंगे। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक गुरिंदरवीर सिंह भी सोमवार को 100 मीटर दौड़ के पहले दौर में हिस्सा लेंगे।