संकेत ने स्नैच में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 135 किग्रा भार उठाया। इस तरह कुल 248 किग्रा भार उठाकर महाराष्ट्र के इस खिलाड़ी ने रजत पदक जीत लिया। उन्होंने अंक तालिका में भारत का खाता खोला।
बर्मिंघम में भारत को पहला पदक मिल गया है। शनिवार (30 जुलाई) को वेटलिफ्टिंग के 55 किग्रा भारवर्ग में संकेत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 135 किग्रा भार उठाया। इस तरह कुल 248 किग्रा भार उठाकर महाराष्ट्र के इस खिलाड़ी ने रजत पदक जीत लिया। उन्होंने अंक तालिका में भारत का खाता खोला।
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रजत पदक जीतने के बाद संकेत सरगर ने कहा, ''हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। यह पदक आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित करता हूं।'' संकेत के रजत जीतने के बाद उनके पिता महादेव सरगर ने कहा, ''मेरे बेटे ने भारत को पहला पदक दिया है इससे हम बहुत खुश हैं। मेरी चाय और पान की दुकान है जिससे मैं अपना खर्चा चलाता हूं। मेरी बेटी ने हरियाणा के पंचकुला में स्वर्ण पदक जीता और बेटे ने लंदन में रजत पदक जीता है जिससे मैं खुश हूं।''
पीएम मोदी ने दी संकेत को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संकेत की तारीफ की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा "संकेत का शानदार प्रयास, उनका रजत पदक जीतना कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए शानदार शुरुआत है। उनको बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।"
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संकेत का प्रदर्शन स्नैच राउंड: संकेत ने स्नैच राउंड में अपने पहले ही प्रयास में 107 किलोग्राम वजन उठाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में 111 किग्रा भार और फिर तीसरे प्रयास में 113 किग्रा भार उठा लिया। 113 को उनका
क्लीन एंड जर्क राउंड: पहले राउंड में उन्होंने 135 किग्रा उठाया। दूसरे प्रयास और तीसरे प्रयास में वह नाकाम रहे। दूसरे राउंड में ही उनका हाथ मुड़ गया था। इसके बावजूद वह तीसरे राउंड में देश के लिए उतरे, लेकिन वह स्वर्ण नहीं जीत सके।
संकेत सरगर
- फोटो : सोशल मीडिया
एक किलो के अंतर से स्वर्ण जीतने से चूके
मलयेशिया के बिब अनीक ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कुल 249 किग्रा भार उठाया। अनीक का स्कोर स्नैच में 107 और क्लीन एंड जर्क में 142 किग्रा रहा। संकेत सिर्फ एक किलो के अंतर से स्वर्ण नहीं जीत सके। उनके चोटिल होने का फायदा अनीक को मिला। अगर संकेत चोटिल नहीं होते तो स्वर्ण जीत लेते। श्रीलंका के दिलांका योदागे ने 225 किग्रा भार के साथ कांस्य जीता।
भारत के लिए पुरुषों में पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में सतीश शिवलिंगम और रंगला वेंकट राहुल ने स्वर्ण जीता था। संकेत उस क्रम को जारी रखने में कामयाब नहीं हुए। भारोत्तोलन 19वीं बार राष्ट्रमंडल खेलों में है।1950 में पहली बार यह खेलों का हिस्सा लिया था। इस बार 16 वर्गों में 180 एथलीट भाग ले रहे हैं। इनमें 90 पुरुष और 90 महिला हैं।