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Chess Olympiad: शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला वर्ग में कांस्य, भारत बी टीम ने जर्मनी को 3-1 से हराया

Wed, 10 Aug 2022 12:05 AM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

महिला वर्ग में शीर्ष वरीय भारत ‘ए’ को 11वें और अंतिम दौर में अमेरिका के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे उसकी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें धूमिल हो गई। कोनेरू हंपी की अगुवाई वाली टीम तीसरे स्थान पर रही।
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चेस ओलंपियाड के दौरान भारतीय खिलाड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत ‘बी’ टीम ने मंगलवार को 44वें शतरंज ओलंपियाड के ओपन वर्ग में कांस्य पदक जीता जबकि महिला वर्ग में भारत ‘ए’ टीम ने भी तीसरा स्थान हासिल किया। भारत ‘बी’ ने अपने अंतिम मैच में जर्मनी को 3-1 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। ओपन वर्ग में उज्बेकिस्तान ने सभी को हैरान करते हुए नीदरलैंड को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। आर्मेनिया की मजबूत टीम ओपन वर्ग में दूसरे स्थान पर रही। टीम ने अपने अंतिम दौर के मुकाबले में स्पेन को 2.5-1.5 से हराया।
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महिला वर्ग में शीर्ष वरीय भारत ‘ए’ को 11वें और अंतिम दौर में अमेरिका के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे उसकी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें धूमिल हो गई। कोनेरू हंपी की अगुवाई वाली टीम तीसरे स्थान पर रही। महिला वर्ग में शीर्ष खिलाड़ी कोनरू हंपी और आर वैशाली ने अपने मैच ड्रॉ खेले। तानिया सचदेवा की कैरिसा यिप और भक्ति कुलकर्णी की तातेव के खिलाफ मिली हार से भारत ए टीम की स्वर्ण की संभावनाएं प्रभावित हुईं।  

युद्ध पीड़ित यूक्रेन की टीम ने महिला वर्ग में जार्जिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान ने नीदरलैंड को अंतिम दौर में जगोंगिर की जीत की मदद से हराया। उन्होंने बेहतर टाई ब्रेक स्कोर के आधार पर आर्मेनिया को पछाड़ा। उज्बेकिस्तान की टीम 11 राउंड में अजेय रहीं और उसने 19 मैच अंक हासिल किए। भारत बी टीम 18 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रही।
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आठ साल बाद मिला दूसरा पदक 
भारत का यह शतरंज ओलंपियाड में दूसरा कांस्य पदक है। इससे पहले 2014 में पदक जीता था। अनुभवी बी अधिबान आठ साल पहले भी टीम का हिस्सा थे। युवा डी गुकेश, आर प्रगनाननंदा, निहाल सरीन और रौनक साधवानी के लिए यह ओलंपियाड का पहला पदक रहा।
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