20वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्णिम प्रदर्शन के बाद शान से लहरा रहे तिरंगे की लाज आखिरकार बच गई।
शराब पीकर गाड़ी चलाने और रिसेप्शनिस्ट से छेड़छाड़ के आरोप में स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की ओर से पकड़े गए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता और कुश्ती रेफरी वीरेंद्र मलिक को ग्लासगो की अदालत ने सुबूतों के आभाव में बाइज्जत बरी करते हुए छोड़ दिया।
मेहता अपने तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को ग्लासगो से दिल्ली के लिए रवाना होंगे जबकि मलिक की भी मंगलवार को ही वापसी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
सबूतों के अभाव में बच गए दोनों अधिकारी
आईओए के अधिकारियों ने सोमवार को ग्लासगो में राहत की लंबी सांस ली। भारतीय दल के चेफ डि मिशन राज सिंह ने ग्लास्गो से अमर उजाला को बताया कि मेहता और मलिक दोनों को ही स्काटलैंड यार्ड पुलिस की ओर से स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
पुलिस ने केस को जज के समक्ष रखकर जिरह भी की। लेकिन दोनों के ही खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं मिल सका। इसके बाद ही मेहता और मलिक को अदालत ने छोड़ने के आदेश सुनाए। राज सिंह का कहना है कि यह मामला अब यहीं खत्म हो गया है।
सच्चाई यह है कि मेहता के खिलाफ मामला सामने आने से ग्लासगो में मौजूद आईओए अधिकारियों की नींद उड़ गई थी। कुछ अधिकारियों को दो दिन पूर्व ही वापस भारत आना था। लेकिन यह मामला सामने आने के बाद सभी ने अपने टिकट रद्द कराए। अब ये सभी मेहता के साथ वापसी करेंगे।
वहीं भारतीय दूतावास की ओर से मलिक को भी वापस भेजने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उम्मीद है कि मलिक भी मंगलवार को दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।
मैंने शराब नहीं पी थी : मेहता
कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद राहत महसूस कर रहे आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि उन्होंने शराब नहीं पी थी।
बकौल मेहता, "तथ्य को गलत तरह से पेश किया गया। मैंने शराब नहीं पी थी जो जांच रिपोर्ट में साबित हो चुका है। मैं कोर्ट का शुक्रगुजार हूं कि उसने आरोपों को खारिज कर दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "दरअसल मैं उस रात किसी पार्टी से लौट रहा था। इसी दौरान मेरी गाड़ी एक दूसरी गाड़ी से टकरा गई। दूसरी गाड़ी को एक लड़की गलत दिशा में चला रही थी। यही वजह है कि आरोप शुरुआती स्तर पर ही खारिज हो गए। मेरे मेडिकल रिपोर्ट में कुछ भी नहीं पाया गया जिसके बाद मेरे ऊपर किसी तरह के चार्ज नहीं लगाया गया।"
रेफरी पर यौन शोषण का आरोप हटने तक रहेगा बैन
दूसरी ओर, भारतीय क्रुश्ती महासंघ की ओर से वीरेंदर मलिक पर लगाया गया प्रतिबंध फिलहाल हटाया नहीं जाएगा। संघ के एक पदाधिकारी का कहना है कि कुश्ती संघ खुद अपने स्तर पर मामले की जांच कराएगा। इसमें कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। अगर उनकी जांच में मलिक पर लगे आरोप गलत पाए जाते हैं तो उन पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया जाएगा। भारतीय दल मंगलवार को ही वापसी कर रहा है।
महासंघ ने आखिरकार होटल की रिसेप्शनिस्ट से छेड़छाड़ के आरोपी रेफरी विरेंदर मलिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। साथ ही संघ ने इस कार्रवाई के बारे में कुश्ती की सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय संस्था फीला को भी सूचित कर दिया है।
कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की ओर से फीला को लिखा गया है कि ग्लासगो में मीडिया रिपोर्ट के हवाले से मलिक की गिरफ्तारी के बाद उन्हें प्रतिबंधित किया जा रहा है। जब तक स्कॉटलैंड यार्ड की मलिक के मामले में जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है तक उन्हें किसी भी कंप्टीशन में बतौर रेफरी नहीं बुलाया जाए।
बृजभूषण शरण ने कहा है कि मामले की सच्चाई सामने नहीं आने तक मलिक प्रतिबंधित रहेंगे।