पिछली बार स्वर्ण पदक से चूकने वाली भारतीय हॉकी टीम के पास इस बार स्वर्णिम सफलता हासिल करने का एक और मौका है।
भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, लेकिन अहम मुकाबले से पहले भारत को तगड़ा झटका लगा क्योंकि टीम के कप्तान ही इस मैच में नहीं खेल सकेंगे। उन पर इस मैच से पहले बैन लगा दिया गया है।
दूसरी ओर, एथलेटिक्स से पुरुष वर्ग में विकास गौड़ा के बाद महिलाओं से भी डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं। भारत की दो शीर्ष खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा के फाइनल में जगह पक्की कर ली है।
कप्तान पर बैन से संकट में टीम इंडिया
ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय हॉकी टीम अपने स्वर्ण पदक से महज 2 जीत दूर है।
लेकिन भारतीय टीम को सेमीफाइनल मुकाबले से पहले उस समय तगड़ा झटका लगा जब टीम के कप्तान और स्टार खिलाड़ी सरदार सिंह पर सेमीफाइनल मैच में खेलने पर बैन लगा दिया गया। भारत शनिवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच खेलेगा। इस बेहतरीन खिलाड़ी पर लगे बैन से टीम इंडिया मुश्किल में पड़ गई है।
पूल-ए में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान पर खतरनाक तरीके से विपक्षी टीम से भिड़ने के कारण पीला कार्ड दिखा दिया गया।
सरदार को पीला कार्ड मिलने के तुरंत बाद अपीलीय जूरी ने सुनवाई करते हुए उनको यह फैसला सुनाया। उन्हें लगातार दूसरा पीला कार्ड मिला है।
जूरी ने सरदार पर लगाया था दो मैचों का बैन
इससे पहले कप्तान सरदार सिंह मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान भी आचार संहिता का उल्लंघन करने पर पीला कार्ड दिखाया गया था।
भारतीय कप्तान ने मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के चेहरे पर मार दिया था।
सरदार के अनुशासन तोड़ने के मामले पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के बाद सुनवाई की गई और उन पर दो मैचों का बैन लगा दिया गया। लेकिन विरोध के बाद जूरी ने सजा को कम करते हुए एक मैच का कर दिया।
महिला हॉकी टीम पदक की होड़ से बाहर
भारतीय महिला हॉकी टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में 2-3 से हार पदक की होड़ से बाहर हो गई। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना था लेकिन टीम कड़ा संघर्ष करने के बावजूद दक्षिण अफ्रीका से पार नहीं पा सकी।
भारतीय टीम अपने पूल-ए में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बाद तीसरे स्थान पर रही। दक्षिण अफ्रीका ने पहले हाफ में 2-1 की बढ़त बना ली थी। मैच के 14वें मिनट में टी ब्राइट के पेनल्टी कार्नर पर किए गए गोल से दक्षिण अफ्रीका ने बढ़त बनाई।
हालांकि जसप्रीत कौर ने मैच के 34वें मिनट में स्ट्रोक भारत को बराबरी पर ला दिया लेकिन भारत के इस गोल की खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी रह सकी और अगले ही मिनट में डी चेम्बरलेन ने मैदानी गोल दागकर दक्षिण अफ्रीका को 2-1 से आगे कर दिया।
आई डेविड्स ने दूसरे हाफ के 54वें मिनट में मैदानी गोल कर दक्षिण अफ्रीका को 3-1 की मजबूत बढ़त दिला दी। हालांकि रानी रामपाल ने 59वें मिनट में दूसरा गोल कर कुछ उम्मीद जगाई लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने शेष समय में अपनी बढ़त कायम रखते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
महिलाओं से भी डिस्कस थ्रो में स्वर्ण की आस
20वें राष्ट्रमंडल खेलों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में विकास गौड़ा की स्वर्णिम सफलता के बाद महिला वर्ग में भी भारत को पदक की आस बन गई है। दो महिला एथलीट सीमा और कृष्णा पुनिया ने इस स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।
डिस्कस थ्रो के क्वालिफिकेशन राउंड के ग्रुप-ए में सीमा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और वह 58.44 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे नंबर पर रहीं।
लेकिन 2010 में हुए दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन कृष्णा पूनिया ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हालांकि वह 51.36 मीटर के थ्रो के साथ 11वें नंबर पर रहकर क्वालीफाई करने में कामयाब रहीं। कृष्णा ने दिल्ली में 61.51 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था जबकि उनका व्यक्तिगत श्रेष्ठ 64.76 मीटर थ्रो है।
दूसरी ओर, महिलाओं की 800 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय धावक टिंटू लूका ने निराश किया। टिंटू 2:3:35 सेकेंड का समय लेकर सातवें स्थान पर रही और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं।
दीपा करमाकर ने कांस्य जीतकर इतिहास रचा
त्रिपुरा की दीपा करमाकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की वोल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह इन खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनीं।
20 वर्षीय दीपा स्पर्धा के फाइनल में 14.366 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक इंग्लैंड की क्लाउडिया फ्रागपेन ने 14.633 अंकों से जीता जबकि रजत पदक कनाडा की एल्साबेथ ब्लैक ने 14.333 अंकों से जीता।
भारत को इस बार जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में यह पहला पदक है। भारत ने 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था। तब रजत पदक जीत अशीष कुमार पदक जीतने वाले पहले भारतीय जिम्नास्ट बने थे।
आलोचना के बाद आस्ट्रेलियाई कोच निलंबित
ऑस्ट्रेलियाई एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एरिक होलिंग्सवर्थ को ओलंपिक 100 मीटर बाधा दौड़ की स्वर्ण पदक विजेता सैली पीयरसन की गेम्स के दौरान सार्वजनिक तौर पर आलोचना करने के बाद निलंबित कर दिया गया है।
एरिक ने एक बयान जारी कर पीयरसन की ग्लासगो में अपनी टीम साथियों के साथ टूर्नामेंट से पहले ट्रेनिंग करने के बजाय लंदन में एक रेस में हिस्सा लेने पर आलोचना की थी।
कोच ने 2012 लंदन ओलंपिक में 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुकी पीयरसन पर ऑस्ट्रेलियाई टीम से मिल रहे समर्थन के बारे में झूठ बोलने और टीम के सामने एक गलत उदाहरण पेश करने का भी आरोप लगाया था। होलिंग्सवर्थ से पहले पूर्व ब्रिटिश डेक्थालीट ने भी पीयरसन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए उन्हें गैर जिम्मेदाराना बताया था।
टेबल टेनिसः मिक्स्ड डबल्स में ऑस्ट्रेलिया को हराया
टूर्नामेंट में बृहस्पतिवार को भारतीय टेबल टेनिस के लिए दिन की मिली जुली शुरुआत हुई और मिक्स्ड डबल्स के चौथे राउंड में खेले गए दो अलग-अलग मुकाबलों में उसे सिंगापुर के हाथों पराजय झेलनी पड़ी।
जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद भारतीय टीम ने जीत दर्ज की। एंथोनी अमलराज और मधुरिका पाटकर की जोड़ी को मिक्स्ड डबल्स के चौथे राउंड में सिंगापुर के निंग गाओ और यी लिन की जोड़ी के हाथों 2-3 से पराजय झेलनी पड़ी।
एंथोनी और मधुरिका को सिंगापुर की जोड़ी के हाथों पांच गेमों में हार का सामना करना पड़ा लेकिन मिक्स्ड के ही एक अन्य चौथे राउंड के मुकाबले में अचंता शरत कमल और शामिनि कुमारेसन की जोड़ी ने नजदीकी संघर्ष के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज की।
अचंता और शामिनि की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी डेविड पावेल और जियान फांग ले को 11-6, 8-11, 4-11, 13-11, 11-7 से जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई।
बैडमिंटनः कश्यप क्वार्टर फाइनल में
गत कांस्य पदक विजेता भारत के पी कश्यप ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता के पुरुष सिंगल्स में अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए बृहस्पतिवार को क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
27 वर्षीय कश्यप ने आस्ट्रेलिया के 26 वर्षीय जैफ थो को 21-7, 21-8 से पीट दिया। वर्ल्ड नंबर वन मलेशिया के ली चोंग वेई के गेम्स से हट जाने के बाद कश्यप को स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
इस बीच भारत की पीवी सिंधू और पीसी तुलसी महिला सिंगल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं। प्रणव चोपड़ा और अक्षय देवालकर की पुरुष डबल्स जोड़ी भी राउंड ऑफ 16 में पहुंच चुकी है। महिला डबल्स में गत चैंपियन ज्वाला गट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने भी अंतिम 16 में जगह बना ली है।