माइंज के डिफेंडर मूसा निआखाते रोजा खोलते हुए
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जर्मनी के फुटबॉल टूर्नामेंट बुंदेसलिंगा के इतिहास में पहली बार रोजा खोलने के लिए मैच को बीच में रोका गया। एफएसवी माइंज 05 और ऑग्सबर्ग के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान रेफरी ने खिलाड़ी को रोजा खोलने का मौका दिया। मुकाबले के 65वें मिनट में रेफरी मैथिस जोलेनबेक ने मैच को रोक दिया। माइंज के डिफेंडर मूसा निआखाते ने इस दौरान जल्दी से पानी पी लिया।
अप्रैल के महीने में शुरू हुए रमजान के दौरान रोजा रखने वाले दिन में कुछ नहीं खाते। शाम को इफ्तार के समय रोजा खोलते हैं। निआखाते ने दो अलग-अलग बोतलों से पानी पिया और रेफरी से हाथ मिलाकर उन्हें धन्यवाद कहा। माइंज 05 और ऑग्सबर्ग के बाद आरबी लिपजिग और हॉफ्फेनहाइम के मैच के दौरान भी ऐसा ही हुआ। मैच रेफरी बैस्टियन डेनकर्ट ने लिपजिग के मोहम्मद सिमाकन को रोजा खोलने के लिए मैच को रोका।
प्रीमियर लीग में लीसेस्टर सिटी और क्रिस्टल पैलेस के बीच पिछले सीजन के मैच को भी रेफरी ग्राहम स्कॉट ने रोक दिया था। तब लीसेस्टर सिटी के वेस्ले फोफाना और क्रिस्टल पैलेस के चेखौ कौयते को अपना उपवास तोड़ने की अनुमति दी गई थी।
माइंज 05 और ऑग्सबर्ग के बीच हुए मैच में ऑग्सबर्ग की टीम 2-1 से जीती थी। वहीं, आरबी लिपजिग और हॉफ्फेनहाइम के मैच में लिपजिग ने धमाकेदार प्रदर्शन किया। उसने मैच को 3-0 से अपने नाम कर लिया। बुंदेसलिंगा के अंक तालिका में लिपजिग की टीम 29 मैचों में 51 पॉइंट के साथ चौथे स्थान पर है। वहीं, हॉफ्फेनहाइम ने 29 मैचों में 44 पॉइंट के साथ छठे पायदान पर है। माइंज 05 की टीम 29 मैचों में 38 पॉइंट के साथ 10वें और ऑग्सबर्ग 29 मैचों में 32 पॉइंट के साथ 32 नंबर पर हैं।