बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर रफ्तार और रोमांच की बिसात बिछ चुकी है। यही नहीं इंडियन ग्रां प्री में अगले तीन दिनों में बीआईसी उन क्षणों का गवाह बनने जा रहा है जो एक ड्राइवर के महान बनने की इबारत लिखेंगे। ये ड्राइवर और कोई नहीं बल्कि रेड बुल के सेबेस्टियन वेटल हैं।
रेड बुल के सेबेस्टियन वेटल जीते तो बीआईसी पर कई इतिहास बनेंगे। लेकिन इन इतिहास के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा फेरारी के फर्नांडो अलोंसो बनने जा रहे हैं। कोरिया में हुई पिछली रेस में ही वेटल ने अलोंसो से बढ़त छीनी है। अलोंसो ने जहां साफ कर दिया है कि वह बढ़त पाने के लिए कुछ भी करेंगे। वहीं, वेटल ने टीम रेड बुल से कहा है कि वह उनके लगातार चौथे खिताब के रास्ते में कोई कसर नहीं छोड़ें।
यह साफ हो गया है कि बीआईसी पर पिछली बार खिताब जीतने वाले वेटल और अलोंसो के बीच गजब की प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी। हालांकि इन दोनों के बीच किम राइकोनेन, माइकल शूमाकर, लुइस हेमिल्टन, मार्क वेबर, फिलिप मासा आने की पूरी कोशिश करेंगे। लगातार तीसरी वर्ल्ड चैंपियनशिप और चौथा खिताब जीतने के लिए वेटल अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करने जा रहे हैं।
वह कहते हैं कि पहला खिताब आने के बाद एक बड़ी राहत मिलती है। हां, अब उन्हें यह भी पता लग गया है कि वर्ल्ड चैंपियन कैसे बना जाता है। वह अपने पिछले दो अनुभवों का इस्तेमाल तीसरी बार चैंपियन बनने के लिए अगली चार रेसों में करने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी टीम रेड बुल से भी कह दिया है कि उनकी कार की तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।
वहीं, अलोंसो पिछड़ने के बावजूद हार मानने के मूड में नहीं हैं। महज छह अंकों से पिछड़ रहे अलोंसो का कहना है कि ऊपर-नीचे चलता रहता है। यह शानदार ट्रैक है। वह इस पर अपना पुराना रिद्म वापस पाने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर बीआईसी के ट्रैक को लेकर सारे ही ड्राइवर उत्साहित हैं। शूमाकर जहां कहते हैं कि उन्हें इसका ले आउट शानदार लगा है। साथ ही इसके कुछ बेहद तेज मोड़ उन्हें उत्साहित करते हैं।
वहीं वेटल को इस ट्रैक पर पिछली बार का सबसे तेज लैप अच्छी तरह ध्यान है। वह इसी को ट्रैक की खूबसूरती मानते हैं। लेकिन अलोंसो का कहना है कि पहले दो दिन इस ट्रैक के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। पिछले वर्ष से अब तक इस पर काफी कम रेसिंग हुई है। टायरों की ग्रिप बनने के बाद फाइनल में मजा आएगा।