नाडा हियरिंग पैनल के फैसला सुनाए जाने की तिथि से 11 खिलाड़ियों पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध को खिलाड़ी चुनौती देने जा रहे हैं। खिलाड़ी इस फैसले के खिलाफ एक या दो दिनों के अंदर नाडा के ही अपील पैनल में इसे चुनौती दे सकते हैं। केस शुरू होने के सवा दो साल बाद फैसले की तिथि से दो साल के प्रतिबंध पर खिलाड़ियों में हड़कंप मच गया है।
यही नहीं हियरिंग पैनल के चेयरमैन सेवानिवृत जज दिनेश दयाल के इस फैसले में केस की सुनवाई के दौरान खिलाड़ियों की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते गए पदक और हासिल किए गए कैश अवॉर्ड वापस देने को कहा गया है। ऐसी में हरियाणा के पहलवान मौसम खत्री को अपना गुआंगझू एशियन गेम्स में जीता गया कांस्य पदक वापस करना पड़ेगा।
साथ ही तैराक रिचा मिश्रा को राष्ट्रीय खेलों में जीते गए 11 स्वर्ण पदक और उसके बाद राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीते गए पांच स्वर्ण पदक वापस करने पड़ सकते हैं। बीजिंग ओलंपियन पहलवान राजीव तोमर इस फैसले से निराश हैं। उन्होंने 'अमर उजाला' से कहा कि वह सभी खिलाड़ियों के साथ मिलकर इस फैसले के खिलाफ अपील करने जा रहे हैं।
फैसला सुनाए जाने के बाद राजीव के अलावा शॉटपुटर सौरव विज, रिच मिश्रा के पिता ने नाडा ऑफिस आकर फैसले की प्रतियां लीं। सभी खिलाड़ी मिलकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। इन तीनों के अलावा पहलवान सुमित, राहुल मान, गुरशरणप्रीत कौर, मौसम खत्री, जोगिंदर सिंह, एथलीट आकाश अंतिल, तैराक अमर मुरलीधरन और ज्योत्सना पंसारे पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
ये सभी कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले स्टीमुलेंट मिथाइल हेक्सानियामाइन के लिए पकड़े गए थे। लेकिन वाडा की ओर से इस सब्सटेंस को स्पेसिफाइड लिस्ट में शामिल किए जाने के बाद इन सभी पर प्राविजनल प्रतिबंध हटा दिया गया था, जिसके चलते ये सभी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेते रहे।