उत्तरखंड के युवा शटलर लक्ष्य सेन गोल्ड के अपने लक्ष्य से सिर्फ एक कदम दूर हैं। खिताब के प्रबल दावेदार एशियन जूनियर चैंपियन लक्ष्य ने पहला गेम हारने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए यूथ ओलंपिक खेलों के फाइनल में पहुंचकर रजत पदक पक्का कर लिया है।
लक्ष्य ने सेमीफाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को 14-21, 21-15, 24-22 से पराजित किया। अब खिताब के लिए उनका सामना चीन के ली शीफेंग से होगा। यह दोनों के बीच तीसरा मुकाबला होगा। इससे पहले दोनों बार लक्ष्य ने शीफेंग को मात दी है।
कोडाई पर तीन मैचों में पहली जीत : लक्ष्य की यह जापानी खिलाड़ी कोडाई पर तीन मैचों में पहली जीत है। इसी साल वियतनाम ओपन और 2017 जूनियर विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में उन्हें कोडाई के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
बनेंगे पहले खिलाड़ी : लक्ष्य अगर चीनी खिलाड़ी को शिकस्त देकर चैंपियन बन जाते हैं तो वह इन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय शटलर बन जाएंगे। लक्ष्य से पहले एचएस प्रणॉय ने 2010 में सिंगापुर में हुए पहले यूथ ओलिंपिक खेलों में रजत पदक जीता था। लक्ष्य इन खेलों के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं।
बहाना पड़ा पसीना : लक्ष्य को सेमीफाइनल जीतने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा। पहला गेम जापानी खिलाड़ी ने आसानी से जीत लिया। लेकिन दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने दमदार वापसी करते हुए कोडाई को कोई मौका नहीं दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
निर्णायम मुकाबले में हालांकि दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ पर अंत में लक्ष्य 24-22 से लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रहे। लक्ष्य ने सेमीफाइनल से पहले सभी मुकाबले सीधे गेमों में जीते थे।
पहले दौर में उन्होंने मिस्र के कमेल को 21-14, 21-16 से, दूसरे दौर में यूक्रेन के बोस्निउक को 23-21, 21- 8 से, प्री क्वार्टर में ब्राजील के फ्रिंस को 21-6, 21-16 से और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के रुमबे को 21-17, 21-19 से मात दी थी।