भारतीय स्टार शटलर पीवी सिंधू ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला एकल के फाइनल में जगह बना ली हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया में दूसरे नंबर की खिलाड़ी जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-16, 24-22 से हराया। विश्व में तीसरे नंबर की भारतीय खिलाड़ी लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है। पिछली बार ग्लासगो में हुई चैंपियनशिप के फाइनल में उन्हें जापान की नोजोमी ओकुहारा से हार का सामना करना पड़ा था।
2013 और 2014 में दो कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधू का फाइनल में ओलंपिक चैंपियन और दो बार की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता स्पेन की कैरोलिना मारिन से रविवार को मुकाबला होगा। रियो ओलंपिक के फाइनल में मारिन सिंधू को हरा चुकी हैं। सिंधू रविवार को ओलंपिक की हार का हिसाब चुकाने उतरेंगी। ओवरऑल बात करें तो मारिन का सिंधू के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-5 का है। हालांकि पिछले मुकाबले में जून में सिंधू ने मलयेशिया ओपन में हराया है। मारिन ने चीन की बिंगजियाओ को 13-21, 21-16, 21-13 से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया है।
शनिवार को यामागुची के खिलाफ सिंधू 6-4 के रिकॉर्ड के साथ उतरी थीं। इससे पहले यामागुची ने सिंधू को इस साल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप और पिछले साल दुबई सुपर सीरीज के फाइनल में हराया था। इस साल दोनों दो बार भिड़ी थीं और दोनों को एक-एक में जीत मिली थी।
पहले गेम में सिंधू एक समय 5-0 से पिछड़ रही थीं लेकिन जल्द ही उन्होंने मुकाबले में वापसी की और अपनी लय हासिल कर ली। जब सिंधू 4-8 से पीछे थी तब उन्होंने लगातार पांच अंक लेकर 9-8 से बढ़त बना ली और पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में सिधू ने और जबर्दस्त वापसी की। एक समय पर वह 12-19 से पीछे चल रही थीं लेकिन इसके बाद उन्होंने आठ अंक लेकर मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। यामागुची ने एक बार मैच प्वाइंट बचाया। उसके बाद 41 शॉट की लंबी रैली तब टूटी जब सिंधू का शॉट बाहर चला गया लेकिन तीसरे मैच प्वाइंट पर सिंधू ने बाजी मार ली।