दो बार की कांस्य पदक विजेता पीवी सिंधू और फॉर्म में चल रहे किदांबी श्रीकांत सोमवार से यहां शुरू हो रही वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में 21 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई करेंगे जिसमें दोनों शटलरों की निगाहें स्वर्ण पर होंगी। इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में लगातार खिताब जीतने के बाद श्रीकांत अपनी बेहतरीन लय को जारी रखकर इस चैंपियनशिप में पहला पदक हासिल करना चाहेंगे। वहीं, रियो ओलंपिक की रजत विजेता सिंधू 2013 और 2014 के सत्र में जीते कांस्य पदक के रंग को बेहतर करने की कोशिश करेंगी।
सिंधू 2016 चाइना ओपन और 2017 इंडिया ओपन जीत चुकी हैं। उन्होंने 2013 और 2014 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य जीता था लेकिन पुरुष वर्ग में कोई खिलाड़ी पदक अपने नाम नहीं कर सका है। श्रीकांत ने इस साल दो लगातार सुपर सीरीज खिताब जीते हैं और उनसे यहां पदक जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं। पिछले साल दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले श्रीकांत ने इस साल इंडोनेशिया ओपन और ऑस्ट्रेलिया ओपन में खिताबी जीत दर्ज की थी। उनका पहले राउंड में रूस के सर्जेई सिरांत से सामना होगा।
2015 वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला साइना नेहवाल पर भी निगाहें होंगी। साइना और सिंधू को पहले राउंड में बाई मिली थी। सिंधू अपने अभियान की शुरुआत कोरिया की किम ह्यो मिन या मिस्र की हादिया होस्नी के खिलाफ करेंगी जबकि साइना का स्विस खिलाड़ी सब्रीना या यूक्रेन की नताल्या से मुकाबला हो सकता है।
थाईलैंड ग्रां प्री गोल्ड चैंपियन बी साई प्रणीत पहले राउंड में हांगकांग के वेई नान से जबकि 13वीं सीड अजय जयराम ऑस्ट्रिया के लुका रेबर से भिड़ेंगे। भारतीय पुरुष शटलरों ने इस सत्र में अब तक छह खिताब जीते हैं। सैयद मोदी ग्रां प्री गोल्ड चैंपियन समीर वर्मा पहली बार इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में खेल रहे हैं जिनका पहले राउंड में स्पेन के पाब्लो एबियन से मुकाबला होगा।
रियो ओलंपिक में खेल चुके मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी, युवा चिराग सेन और सात्विक साई राज तथा अर्जुन एमआर और रामचंद्रन श्लोक पुरुष युगल में भारतीय चुनौती पेश करेंगे। महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी, मेघना और पूर्विशा एस राम की जोड़ी से उम्मीदें होंगी।
फिलहाल पहले ही राउंड पर फोकस : श्रीकांत
‘अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं जिससे आत्मविश्वास भी बढ़ा है लेकिन हर खिलाड़ी पूरी फिटनेस के साथ ही ऐसे बड़े इवेंट में उतरता है। अभी फाइनल में पहुंचने के बारे में नहीं सोच रहा हूं। फिलहाल मेरा फोकस पहले राउंड पर है। इस टूर्नामेंट में अन्य भारतीय भी खिताब जीतने में सक्षम हैं। विश्व चैंपियनशिप के लिए कड़ी मेहनत की है।’ - श्रीकांत
सबसे मजबूत टीम : गोपीचंद
राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा है कि इस बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में उतरने वाले भारतीय खिलाड़ी संभावित तौर पर सबसे मजबूत टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ‘पुरुष खिलाड़ी पिछले कुछ समय से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। चार भारतीय खिलाड़ी ऐसे हैं जिनमें दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ी को हराने की क्षमता है। हम अपने सभी खिलाड़ियों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।’
सुपर डेन और लोंग भी करेंगे कोशिश
पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन और ‘सुपर डेन’ के नाम से मशहूर चीन के लिन डेन पुरुष वर्ग में कड़ी चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा दो बार के विजेता और ओलंपिक चैंपियन चेन लोंग, दुनिया के नंबर एक सोन वान हो और डेनमार्क के स्टार विक्टर एक्सेलसन भी पदक जीतने का प्रयास करेंगे। महिला वर्ग में दो बार की चैंपियन स्पेन की कैरोलिना मारिन स्वर्ण पदक की राह में सिंधू और साइना के लिए मुश्किल पैदा कर सकती हैं।