फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Thomas Cup Badminton: थॉमस कप के सेमीफाइनल में भारत को मिली हार; फ्रांस ने 3-0 से दी शिकस्त

Sun, 03 May 2026 08:28 AM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अंतिम स्कोर 0-3 रहा और भारत टूर्नामेंट से बाहर हो गया, लेकिन यह आंकड़ा मैच की वास्तविक प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह नहीं दर्शाता। आइए जानते हैं कि इस मैच में किस किस के बीच मुकाबले हुए...
विज्ञापन
थॉमस कप - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

थॉमस कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और फ्रांस के बीच शनिवार को खेला गया हाई-वोल्टेज ड्रामे की तरह था। डेनमार्क के फोरम हॉर्सेंस एरिना में खेले गए मैच का माहौल भारतीय और फ्रांसीसी प्रशंसकों के जोश ने रोमांचक बना दिया था। अंतिम स्कोर 0-3 रहा और भारत टूर्नामेंट से बाहर हो गया, लेकिन यह आंकड़ा मैच की वास्तविक प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह नहीं दर्शाता। मुकाबले के दौरान कई ऐसे क्षण आए जब भारतीय खिलाड़ियों ने फ्रांस को दबाव में डाला और वापसी की उम्मीद जगाई। फिर भी, निर्णायक मौकों पर फ्रांसीसी खिलाड़ियों ने संयम और सटीकता दिखाते हुए मैच अपने पक्ष में कर लिया।
विज्ञापन

फ्रांस पहली बार थॉमस कप के फाइनल में
इस जीत के साथ फ्रांस ने पहली बार थॉमस कप के फाइनल में जगह बनाई। फ्रांस की सफलता के मुख्य सूत्रधार रहे टोमा जूनियर पोपोव और क्रिस्टो पोपोव भाइयों ने न केवल शानदार खेल दिखाया, बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारतीय टीम को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने एकल और डबल्स दोनों में भाग लेते हुए टीम को संतुलन दिया, और मैच क्रम इस तरह तय किया गया कि उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।

लक्ष्य सेन नहीं खेल पाए मुकाबला
भारत के लिए सबसे बड़ा झटका था लक्ष्य सेन का चोट के कारण बाहर होना। उनकी अनुपस्थिति ने टीम संयोजन को प्रभावित किया। पहले सिंगल्स में आयुष शेट्टी को उतारा गया, लेकिन वे दबाव को संभाल नहीं पाए और क्रिस्टो पोपोव के खिलाफ सीधे गेम में हार गए।

श्रीकांत ने दी टक्कर, पर हारे
दूसरे सिंगल्स में किदांबी श्रीकांत ने अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने एलेक्स लैनियर को कड़ी टक्कर दी और कई मौकों पर बढ़त भी बनाई। हालांकि, अहम क्षणों में सटीकता की कमी के कारण वे मैच गंवा बैठे। तीसरे सिंगल्स में एच. एस. प्रणय ने जबरदस्त संघर्ष किया। उन्होंने शुरुआती बढ़त हासिल की, लेकिन टोमा जूनियर पोपोव ने अपनी गति और नियंत्रण से मैच पलट दिया। प्रणय की कुछ अनफोर्स्ड एरर निर्णायक साबित हुईं।
विज्ञापन

डबल्स खेलने का मौका नहीं मिला
भारत के लिए निराशाजनक पहलू यह रहा कि डबल्स मैच खेलने का अवसर ही नहीं मिला, जो उनकी संभावित ताकत हो सकती था। फ्रांस ने अपने अवसरों का पूरा लाभ उठाकर इतिहास रच दिया। जीत के साथ फ्रांस ने फाइनल में जगह बनाई, जबकि हार के बाद भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पडे़गा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें