‘मैं अपने खेल में सुधार कर रहा हूं लेकिन मुझे अपने खेल के कई पहलुओं पर अभी भी मेहनत करनी है। अगला टूर्नामेंट एशियाई खेल है और मैं अपने मजबूत पक्षों पर काम कर रहा हूं, जिससे मैं अच्छा कर सकूं। पिछले तीन मैचों की तुलना में फाइनल में शटल धीमी गति से आ रही थी। पहले गेम में मैं लय प्राप्त नहीं कर सका। मैंने जिस तरफ से खेलना शुरू किया वहां से शटल को देखना मुश्किल हो रहा था क्योंकि बैकग्राउंड सफेद था। दूसरे गेम में मेरे प्रतिद्वंद्वी के साथ भी यही हुआ।’
-02 दो साल बाद सौरभ ने कोई खिताब जीता। उन्होंने पिछली ट्रॉफी 2016 में चीनी ताइपे मास्टर्स के रूप में जीती थी।
-05वीं ट्रॉफी सौरभ वर्मा ने अपने करिअर की जीती।