साइना ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, 'मेरे पिता मेरे मुकाबले भी नहीं देख सकते। न ही वह खेल गांव में प्रवेश कर सकते हैं और न ही मुझसे मिल सकते हैं। यह किस तरह का सपोर्ट है सीजीएफ।'
नेहवाल ने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा, 'मुझे अपने पिता के सपोर्ट की जरुरत है क्योंकि मैं उन्हें अपने साथ प्रतियोगिताओं में लेकर जाती हूं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि किसी ने मुझे इसकी पहले जानकारी क्यों नहीं दी कि वह कही भी आ नहीं सकते।'
गोल्ड कॉस्ट में मौजूद भारतीय दल के अधिकारी ने कहा कि इस मामले को बुधवार को सुलझा लिया गया था। अधिकारी ने कहा, 'हम इस पूरे मामले में अचंभित हैं। मुझे जहां तक पता है कि गलती भारत की तरफ से थी। हमें कहा गया था कि एक दो दिन में मामला सुलझा लिया जाएगा।'
सरकार ने शटलर्स साइना नेहवाल और पीवी सिंधु के माता-पिता का भुगतान करने से इंकार कर दिया था। हालांकि, अधिकांश टूर्नामेंट्स में साइना और सिंधु अपने माता-पिता के बिल का भुगतान करती हैं।